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सीएम तीरथ पीपीई किट पहनकर बोले- 15 मिनट में मुझे इतनी परेशानी, 2-3 घंटे पहनने वालों का क्या हाल होता होगा…

टिहरी । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वह कोविड केयर सेंटर के निरीक्षण के लिए पहुंचे तो उस समय भी मरीजों को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने को काढ़ा दिया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऑक्सीजन युक्त अस्पतालों की व्यवस्था करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। प्रदेश में कई नए ऑक्सीजन प्लांट को भी मंजूरी मिली है सरकार का लक्ष्य है कि छोटे अस्पतालों को भी ऑक्सीजन युक्त बेड की सुविधा विकसित की जाए। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने निरीक्षण के बाद अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिये।

टिहरी जिले में बने कोविड सेंटर से निकलने के बाद अपना अनुभव साझा करते हुए सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा कि वह स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मियों को सैल्यूट करते हैं, जो रोजाना 2 से 3 घंटो तक पीपीई किट पहनकर कोविड-19 मरीजों का उपचार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 मिनट में पीपीई किट के पहनने से इतनी परेशानी हो रही है, तो रोजाना दो से तीन घंटे तक मरीजों की सेवा और उपचार कर रहे प्रथम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मी कैसे इन परेशानियों को झेलते होंगे, इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड केयर सेंटर को लेकर पहले से ही निर्देश दिए गए हैं, कि कोविड मरीजों का बेहतर उपचार के साथ ही बेहतर भोजन और अन्य सुविधाओं का भी विशेष ख्याल रखा जाए।

तीरथ सिंह ने सोमवार को जिला चिकित्सालय बौराड़ी का निरीक्षण किया। उन्होंने सीएमओ सहित जिला प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर आक्सीजन प्लांट का कार्य पूरा करवाने के निर्देश दिये। सीएम ने टीएचडीसी इंजीनियरिंग कॉलेज भागीरथीपुरम में जिला प्रशासन के संचालित 450 बेड युक्त कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री तीरथ ने पीपीई किट पहन कर कोविड सेंटर में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनका हाल जाना। मरीजों से अपील की, कि घबरायें नहीं, सरकार उनके साथ है। जिला अस्पताल में सीएम ने चिकित्सालय के आपातकालीन सेवा, आईसीयू, नवजात शिशु वार्ड, जनरल ओपीडी, अस्थि रोग वार्ड का निरीक्षण किया।

उन्होंने आईसीयू में भर्ती मरीजों का हाल-चाल जाना वहीं भर्ती मरीजों से भोजन, दवाएं, स्वास्थ्य परीक्षण को लेकर भी फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री ने जिला चिकित्सालय में निर्माणाधीन 500 एलपीएम के ऑक्सिजन जनरेशन प्लांट को एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश है। ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य पूरा होने पर यहां से 80 बैड के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सकेगी। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिला चिकित्सालय केवल रैफर सेंटर न बना रहे। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिला चिकित्सालय में आने वाले हर प्रकार के रोगी का उपचार सुनिश्चित किया जाए।

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