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बिलासा कला मंच के अध्यक्ष डॉ सोमनाथ यादव ने कहा- कुंड बना कर अरपा उद्गम स्थल को संरक्षित किए जाने की है आवश्यकता …

पेंड्रा। पेंड्रा और अमरपुर के बीच स्थित अरपा नदी के उद्गम स्थल तथा अरपा नदी के सभी सहायक नदी और नालों के सही उपचार एवं विकास से ही अरपा नदी को गति मिलेगी। अरपा महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पेंड्रा स्थित अरपा उद्गम के संरक्षण की बात कही है वहां शासन द्वारा अरपा उद्गम स्थल में कुंड बना कर अरपा उद्गम को संरक्षित किए जाने की आवश्यकता है तथा उसके आगे स्टॉप डेम बनाकर अरपा उद्गम को रिचार्ज किया जाए।

उक्त बातें बिलासा कला मंच बिलासपुर के अध्यक्ष डॉ सोमनाथ यादव ने अरपा बचाओ यात्रा के दौरान व्यक्त किए। सामाजिक सरोकारों के रूप में जल जंगल जमीन और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम के तहत अरपा बचाओ अभियान समिति के अध्यक्ष डॉ सोमनाथ यादव के मार्गदर्शन में 2004 से अरपा के उद्गम अमरपुर पेंड्रा से लेकर संगम मंगला पासीद तक पदयात्रा कर लोगों को जागरूक करने का काम करते आ रही है।

पहले यह यात्रा चार दिवसीय हुआ करती थी जिसमें अभियान के सदस्य अरपा के उद्गम अमरपुर पेंड्रा से यात्रा की शुरुआत कर इसके सहायक नदी नालों और नदियों के मुहाने तक जा जाकर लोगों से प्राकृतिक नदी नालों के संरक्षण का आह्वान करते हुए गांव के लोगों से गुड़ी में चर्चा, हैंडबिल, पोस्टर आदि के द्वारा आम जनता को पर्यावरण की रक्षा करने के लिए जनजागरण का काम करते आ रही है। कोरोना कालखंड में यह अभियान सिमटकर दो दिवसीय कर दिया गया।

इस वर्ष पहले दिन के रूप में 9 अप्रैल को पेंड्रा गौरेला मरवाही जिले के कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौंपा गया और फिर समिति के सदस्यों ने एक बैठक कर मुख्यमंत्री द्वारा घोषित अरपा का उद्गम वही है जिसे आमजन बरसों से मानते आ रही है।इस बात को अलग अलग माध्यमों से मुख्यमंत्री तक पहुंचाते रहने पर सहमति बनी।

दूसरे दिवस के रूप में 10 जून को अभियान समिति के सदस्य महेश श्रीवास, देवानंद दुबे,रामेश्वर गुप्ता,यश मिश्रा, ओमशंकर लिबर्टी, अनूप श्रीवास,शिव यादव,गोपाल यादव अपने अध्यक्ष डॉ सोमनाथ यादव के नेतृत्व में बिलासपुर शहर से अरपा नदी के किनारे किनारे बसे गांव मंगला, तुरकाडीह,निरतु में लोगों को नदी नालों के महत्व को बताते हुई ग्राम पंचायत घुटकू पहुंची जहां पर जिला पंचायत के सभापति मीनू सुमंत यादव के नेतृत्व में ग्राम के सभी जनप्रतिनिधियों ने समिति का स्वागत किया।

तत्पश्चात ग्राम भ्रमण और चर्चा से पता चला कि ग्राम घुटकू के कई एकड़ कृषि जमीन अरपा नदी में हो रहे जल कटाव से बह गई है जिसका आज तक कोई मुवावजा नहीं मिला है वहीं नदी में रेत तस्करों ने अवैध रेत उत्खनन कर नदी को पठार में तब्दील कर दिया है।सभी लोगों ने एक स्वर से कहा कि शासन प्रशासन को अरपा नदी के समुचित संरक्षण हेतु कठोर कदम उठाने चाहिए।इसके पश्चात अभियान समिति के सदस्य अरपा नदी के किनारे के गांव लमेर,खरगहना, खरगहनी, छेरकाबांधा आदि होते हुए अरपा भैंसाझार बैराज पहुंचे। नहर का काम पूरा नहीं होने के कारण बैराज में जलभराव बहुत कम था।

अरपा उद्गम बचाओ संघर्ष समिति पेंड्रा छत्तीसगढ़ की मांग है कि गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के नदियों के उद्गम स्थल पर शासन बोर्ड लगाए। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के सभी नदी नालों में बनी सभी पुल पुलिया में बोर्ड लगाएं ताकि पता लग सके कि कौन सी नदी पार कर रहे हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग के पास तो फुल पुलिया के पास शाइनिंग बोर्ड के लिए बजट भी होता है।

नदियों पर बने पुल पुलिया में बोर्ड लगाने से आम जनमानस में नदियों के प्रति श्रद्धा एवं जागरूकता का भाव जागृत होगा। हमारे गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले से ही लगभग एक दर्जन नदी नालों का उद्गम हुआ है जिनके उद्गम का संरक्षण जरूरी है। अरपा उद्गम बचाओ संघर्ष समिति पेंड्रा छत्तीसगढ़ की मांग है कि अरपा उद्गम पेंड्रा के बगल में नवनिर्मित पुल के बगल में जो डायवर्सन सड़क बनाई गई है अब उसकी उपयोगिता समाप्त हो गई है उक्त डायवर्टेड सड़क की मिट्टी हटाई जाए तथा पुल के प्रवाह क्षेत्र एवं नाले में पाटी गई मिट्टी हटाई जाए।

अरपा उद्गम अमरपुर पेंड्रा मे जो बोर्ड लगा था उसे शरारती तत्वों ने तोड़ दिया था जिसकी रिपोर्ट नगर पंचायत अध्यक्ष पेंड्रा राकेश जालान ने पुलिस थाने पेंड्रा में की थी। अरपा उद्गम के उस साइन बोर्ड को वहां लगाया जाए। उक्त मांग अरपा उद्गम बचाओ संघर्ष समिति पेंड्रा छत्तीसगढ़ के संयोजक अक्षय नामदेव एवं वरिष्ठ सदस्य राम निवास तिवारी जगदंबा अग्रवाल नीरज जैन लालचंद वैश्य इत्यादि ने जिला कलेक्टर गौरेला पेंड्रा मरवाही से की है।

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