
कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार के लिए एक व्यक्ति को 40 हजार हजार रुपये तक देता था पीएफआई ….
भोपाल। कट्टरपंथियों की मदद के आरोप में पापुलर फ्रंट आफ इंडिया से जुड़े प्रमुख लोगों पर देशभर में कार्रवाई की गई है। मध्य प्रदेश में भी इसका बड़ा नेटवर्क सामने आया है। बताया जा रहा है कि प्रदेश में कट्टरपंथी विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए युवाओं को तरह-तरह के प्रलोभन देकर जोड़ा जाता था।
हर व्यक्ति को पीएफआई की तरफ से एक से दो महीने के भीतर सात हजार से 10 हजार रुपये तक दिए जाते थे। यह राशि उनके खाते में डाली जाती थी। एक व्यक्ति को अधिकतम 40 हजार रुपये तक इसके लिए दिए जाते थे।
सूत्रों ने बताया कि पीएफआई की तरफ से यह राशि विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए साहित्य तैयार कराने, इसे बंटवाने, इंटरनेट मीडिया और आने-जाने के खर्च के लिए दी जाती थी। यह बात भी सामने आ रही है कि पीएफआई से मिली राशि के बड़े हिस्से का उपयोग इन युवाओं को प्रशिक्षण देने में भी किया जाता था।
जुलाई में भोपाल के संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़), ताजुल मसाजिद और सिलवानी (रायसेन) में छापेमारी कर एनआईए ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। इन मामलों में यह संदेह जताया गया था, इन्हें आर्थिक मदद करने में पीएफआई व अन्य संगठनों का हाथ हो सकता है।
पीएफआई की राजनीतिक पार्टी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया का भी मध्य प्रदेश में नेटवर्क है। प्रदेश अध्यक्ष के बड़े जिलों में इसके पदाधिकारी भी हैं।














