सरकार की उपेक्षा से नाराज कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन आंदोलन की राह पर …

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रायपुर (गुणनिधि मिश्रा) । प्रदेश कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के द्वारा कर्मचारियों की मांगों को राज्य शासन द्वारा पूरा न करने के कारण “कलम रख- मशाल उठा “का आंदोलन करने का निर्णय लिया है। राजपत्रित अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष एसपी सोनी, प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला के अध्यक्ष कमाल खान, प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के जिलाध्यक्ष आलोक शुक्ला,प्रांतीय सचिव आकाश राय, स्वास्थ संयोजक कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष आर पी अहिरवार, ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदेश शासन द्वारा प्रदेश शासन राज्य के 3 लाख 99 हजार कर्मचारियों की मांगों को पूरा न करने के कारण फेडरेशन के प्रांतीय निकाह के आह्वान पर चरणबद्ध आंदोलन करने का निर्णय लिया है।

फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा के द्वारा 23 नवंबर को शासन को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। प्रथम चरण में 1 दिसंबर 2020 को जिला मुख्यालय में मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा जाएगा, मशाल जुलूस। दूसरे चरण में 11 दिसंबर 2020 को जिले में धरना प्रदर्शन तथा तीसरे चरण में 19 दिसंबर 2020 को राजधानी रायपुर के बूढ़ा तालाब के पास प्रांत व्यापी वादा निभाओ महारैली का आयोजन किया जावेगा। कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांगों से अवगत कराया एवं लंबित महंगाई भत्ता एवं सातवें वेतनमान के एरियर की राशि दीपावली के पूर्व भुगतान करने की मांग की थी।मुख्यमंत्री के द्वारा प्रतिनिधि मंडल को मांगो को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था ।

फेडरेशन को आशा थी कि मुख्यमंत्री द्वारा दीपावली के पूर्व कर्मचारियों को सौगातें दी जाएंगी लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा वादा पूरा नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में आक्रोश है। और कर्मचारी अधिकारी अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। गौरेला पेंड्रा मरवाही, जिले में आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए 28 नवंबर शनिवार को 2:00 बजे कर्मचारी भवन,हीरो शो रूम के पास ज्योतिपुर में बैठक रखी गई है। जिलाध्यक्ष कमाल खान ने कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के सभी जिला अध्यक्षों से बैठक में उपस्थित होने एवं बैठक को सफल बनाने की अपील की है।