
बिहार में बड़ा ट्रैफिक संकट, टूटे विक्रमशिला सेतु पर बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की तैनाती
भागलपुर
बिहार की सिल्क सिटी भागलपुर की लाइफ लाइन कहलाने वाली विक्रमशिला सेतु पर आवागमन ठप हो जाने से कई जिलों में परेशानी बड़ गई है। इस सेतु को फिर से दुरुस्त करने और इस पर आवागमन चालू करने को लेकर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। कहा जा रहा है कि पुल से यातायात सुचारु होने में तीन माह का वक्त लगेगा। आम जनों की पेशानी को देखते हुए बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन को तैनात किया गया। बीआरओ उत्तर बिहार को भागलपुर समेत अन्य कई जिलों से जोड़ने वाले इस पुल से आंशिक आवागमन की व्यवस्था बहाल करने के लिए काम शुरू हो ह गया है। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की मदद से बेली ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है।
लोगों को हो रही असुविधा को देखते हुए तकनीकी विशेषज्ञों और अधिकारियों ने विक्रमशिला सेतु की मरम्मत के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है। बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन की सहायता से शीघ्र ही एक बेली ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। इसको लेकर युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आंशिक रूप से यातायात को तुरंत बहाल करना, ताकि जनता को हो रही असुविधा कम हो सके। उन्होंने कहा कि विक्रमशिला सेतु भागलपुर एवं आसपास के जिलों के लोगों के लिए लाइफलाइन है। इसलिए बेली ब्रिज का निर्माण कर आंशिक रूप से यातायात शुरू किया जाएगा।
क्या है बेली ब्रिज?
बेली ब्रिज एक इमरजेंसी तकनीक है जिसका इस्तेमाल द्वितीय विश्व युद्ध के समय किया गया था। बेली ब्रिज एक प्रकार का पोर्टेबल, प्री कास्टेड स्टील ट्रस ब्रिज है। इसे युद्ध या आपदा के समय तेजी से और आसानी से ट्रस को एक दूसरे को जोड़कर बनाया जाता है। यह मॉड्यूलर डिज़ाइन पर आधारित है। सका आविष्कार द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1940-41 में ब्रिटिश इंजीनियर डोनाल्ड कोलमैन बेली ने किया था। इसमें भारी उपकरणों की आवश्यकता नहीं होती और यह अस्थायी या स्थायी दोनों तरह से काम आ सकता है। सेना और सीमा सड़क संगठन इसका उपयोग दूरदराज के क्षेत्रों या बाढ़, भूस्खलन अन्य आपदा की स्थिति में संपर्क बहाल करने के लिए करते हैं। यह ट्रस नामक त्रिकोणीय स्टील स्ट्रक्चर से बनता है, जिन्हें पिन और बेल्ट की सहायता से आसानी से जोड़ा जा सकता है।
रविवार आधी रात को टूटा था पुल
यह घटना रविवार रात लगभग 12.30 बजे की है। पहले सेतु पर 133 नंबर पोल के पास कुछ हिस्सा धंस गया। उसी वक्त आवागमन रोक दिया गया। लेकिन कुछ ही देर बाद वह हिस्सा टूट गया। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने रात 1.15 बजे इसकी सूचना दी और लोगों से विक्रमशिला सेतु की ओर न जाने की अपील की है। पुलिस की सतर्कता से जानमाल का कोई नुकसान नहीं हुआ। घटना के समय सीएम सम्राट चौधरी दिल्ली में थे। हालांकि उन्होंने पटना पहुंचते ही उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर जल्द से जल्द आवागमन सुचारु कराने के आदेश अधिकारियों को दिया। इस मामले में लापरवाही के आरोप कार्यपालक अभियंता को सस्पेंड कर दिया गया।















