मध्य प्रदेश

समाधि में लीन हुए महंत श्रावणनाथ उर्फ उड़ी बाबा, अंतिम दर्शन के लिए कई राज्यों से आए अनुयायी …

भोपाल/बड़वानी। मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले के पानसेमल के नाथ दरबार मंदिर आश्रम के महंत योगी श्रावणनाथ उर्फ उड़ी बाबा शनिवार को समाधि में लीन हुए। उनके अंतिम दर्शन व समाधि कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में साधु, संत और अनुयायी पहुंचे। कीर्तन के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई। अनुयायियों ने पुष्पवर्षा कर संतश्री के जयघोष लगाए। उन्हें अंतिम बिदाई देने उज्जैन, इंदौर, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान व महाराष्ट्र सहित अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में साधु, संत और अनुयायी शामिल हुए।

पानसेमल के नाथ दरबार के महंत तथा उड़ी बाबा के नाम से प्रसिद्ध संत श्रावणनाथ की समाधि में पधारे स्वामी रामनाथ बाबा पीर उज्जैन, भदरी गुफा कर्नाटक के महंत मेगनाथ बाबा, मालेगांव से गोट्ट नाथ बाबा, मंचल वाले नाथ बाबा, गुजरात नाथ बाबा के साथ पधारे परमेश्वर नंद महाराज, राजा रामदास महाराज और आसपास के सभी महाराज के अलावा बड़ी संख्या में साधु-संत उपस्थित थे। सभी ने श्रावणनाथ उड़ी बाबा की समाधि पूरे विधि विधान से कराई। बड़ी संख्या में दूर-दूर से आए बाबा के अनुयायियों ने उनके अंतिम दर्शन किए। क्षेत्र के लोगों ने कीर्तन किया। सभी ने एक स्वर में कहा- जब तक सूरज चांद रहेगा श्रावण बाबा तेरा नाम रहेगा। वहीं, राजनीतिक दलों से पूर्व विधायक दीवान सिंह पटेल, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि लोकेश शुक्ला, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि विनोद वसावे, निवाली के पूर्व जिला सदस्य कन्हैया सिसोदिया, पूर्व जनपद अध्यक्ष विकास डावर, राम सोनाने सहित नगर के अन्य लोग मौजूद थे। सभी ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

गौरतलब है कि महंत ने शुक्रवार शाम को आश्रम के ही एक कक्ष में फांसी लगा ली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कक्ष सील कर जांच शुरू की। पानसेमल थाना प्रभारी लखनसिंह बघेल के अनुसार, फिलहाल आठ लोगों के बयान लिए गए हैं। मौत के कारण अब भी अज्ञात हैं। बाबा के वाहन में मिले कागजात, बैग व रुपये भी आश्रम के जिम्मेदारों को दे दिए गए हैं। पुलिस द्वारा और भी लोगों के बयान लेकर घटना के हर बिंदु पर जांच की जा रही है।

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