मध्य प्रदेश

कारम डैम फूटने के मामले में चीफ इंजीनियर सहित 8 अफसरों पर गिरी गाज, सुबह कमलनाथ ने उठाए सवाल, शाम को एक्शन …

भोपाल। मध्यप्रदेश के धार जिले के कारम डैम फूटने के 15 दिन बाद सरकार ने इसके कसूरबार अधिकारियों पर एक्शन लिया है। इस मामले में जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर समेत 8 अफसरों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इस मामले में शुक्रवार सुबह पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी निर्माण एजेंसी और सरकार की जांच पर सवाल उठाया था। इसके बाद शाम को सरकार ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया। सरकार इससे पहले बांध निर्माण से जुड़ी कंपनियों को ब्लैक लिस्टेड कर चुकी है।

अधिकृत जानकारी के अनुसार जिन इंजीनियर्स पर कार्रवाई हुई, उनमें चीफ इंजीनियर सीएस घटोले, सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर पुरुषोत्तम जोशी, एसडीओ वकार अहमद सिद्दीकी, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बीएल निनामा के साथ ही चार सब इंजीनियर्स विजय कुमार जत्थाप, अशोक कुमार, दशाबंता सिसोदिया और आरके श्रीवास्तव शामिल हैं। जांच रिपोर्ट में बताया गया कि न तो डैम निर्माण करने वाली कंपनियों ने अपने हिस्से का काम ठीक ढंग से किया, न ही बांध के काम की निगरानी करने वाले इंजीनियरों ने इसकी ठीक ढंग से मॉनिटरिंग की। इसके बाद शुक्रवार शाम को जल संसाधन विभाग के अवर सचिव ने इंजीनियरों को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।

किस अधिकारी की क्या थी जिम्मेदारी

  1. –  चीफ इंजीनियर सीएस घटोले: बांध में धांधली की शिकायत करने पर व्हिसल ब्लोअर लोकेश सोलंकी को जवाब दिया कि आप ज्यादा जानते हैं तो बांध आप ही बनवा लीजिए। घटोले को गड़बड़ियों का पूरा वीडियो भी दिया गया था।
  2. –  सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर पुरुषोत्तम जोशी: व्हिसल ब्लाेअर लोकेश सोलंकी इनसे भी मिले, लेकिन धांधली के सबूतों पर इन्होंने भी कोई ध्यान नहीं दिया और घटिया निर्माण होता रहा।
  3. –  एसडीओ वकार अहमद सिद्दीकी: 23 सितंबर 2020 को पहली शिकायत इन्हें ही दी गई। कहा गया कि अर्थ वर्क ठीक नहीं हो रहा है। कंक्रीट की क्वालिटी भी खराब है। इन्होंने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया।
  4. –  एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बीएल निनामा: इन्हें भी शिकायत मिली थी कि बांध के काम में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया।
  5. –  सब इंजीनियर्स विजय कुमार जत्थाप, अशोक कुमार, दशाबंता सिसोदिया और आरके श्रीवास्तव: इन चारों सब इंजीनियर की ड्यूटी थी कि वे रोजाना बांध के काम को मॉनिटरिंग करें, लेकिन इन्होंने फील्ड पर तैनात रहकर भी जिम्मेदारियों की अनदेखी की।

ये है मामला

धार जिले के कोठिदा गांव में कारम नदी पर 304 करोड़ रुपए की लागत से डैम का निर्माण किया जा रहा है। डैम का जल संग्रहण क्षेत्र 183.83 वर्ग किमी का होकर बांध की लंबाई 564 मीटर होकर चौड़ाई 6 मीटर है। जल भरण क्षमता 43.98 मीट्रिक घन मीटर रखी जाना है। यह बांध करीब-करीब बनकर तैयार हो चुका था। डैम की मिट्‌टी की दीवार में 10 अगस्त को पहला लीकेज सामने आया था। खबर फैलते ही क्षेत्र के कई गांवों के साथ ही जल संसाधन विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके बाद सरकार हरकत में आई। धार के 12 और खरगोन जिले के 18 गांवों को आनन-फानन में खाली कराया गया। इन लोगों को ऊंचे क्षेत्रों में शिफ्ट किया गया। सरकार ने तीन दिन की मशक्कत के बाद 14 अगस्त को डैम में कट लगाकर वहां से पानी निकालने का फैसला किया। पानी निकलना शुरू हुआ तो डैम की दीवार का 20 मीटर हिस्सा भी बह गया। चूंकि लोगों को शिफ्ट कर दिया गया था, इसलिए जान का नुकसान नहीं हुआ। लेकिन लोगों के खेतों में पानी भर गया और उनके जानवर भी बह गए।

4 साल पहले बांध का हुआ था शिलान्यास

कोठिदा गांव में कारम मध्यम सिंचाई परियोजना का शिलान्यास एवं भूमिपूजन चार साल पहले जिले के तत्कालीन प्रभारी मंत्री अंतर सिंह आर्य ने किया था। डैम का निर्माण दिल्ली की कंपनी एएनएस कंस्ट्रक्शन प्रा.लि. कर रही है। हालांकि, सरकार ने एक्शन लेते हुए कंस्ट्रक्शन और सारथी कंस्ट्रक्शन को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। साथ ही, दोनों कंपनियों को नोटिस भी भेजा गया है।

भाजपा के साथ ही कांग्रेस ने भी बनाई थी जांच समिति

बांध में लीकेज होने के बाद मामले की जांच के लिए कांग्रेस की तरफ से आठ सदस्यीभय दल बनाया गया था। इसमें धार कांग्रेस जिलाध्यगक्ष बालमुकुंद सिंह गौतम, गंधवानी विधायक उमंग सिंघार, कुक्षी विधायक सुरेंद्र सिंह हनी बघेल, इंदौर विधायक संजय शुक्ला , देपालपुर विधायक विशाल, सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल, धरमपुरी विधायक पांचीलाल मेड़ा, मनावर विधायक हीरालाल अलावा को शामिल किया गया था। सभी सदस्य निरीक्षण कर डैम की स्थिति देख चुके हैं। बाद में टीम ने कमलनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। वहीं, सरकार की ओर से भी चार सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई थी। जिसे पांच दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपना था। कमेटी में जल संसाधन विभाग के अपर सचिव आशीष कुमार को अध्यक्ष बनाया गया, जबकि वैज्ञानिक डॉ. राहुल कुमार जायसवाल, राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान भोपाल, दीपक सातपुते, मुख्य अभियंता, ब्यूरो ऑफ डिजाइन एंड हायडल जल संसाधन विभाग और अनिल सिंह, संचालक बांध सुरक्षा बोधी भोपाल टीम के सदस्य हैं।

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