मध्य प्रदेश

भोपाल में हुई ह्दय विदारक घटना: मां की चिता पर जिंदा लेट गया 40 साल का बेटा बर्दाश्त नहीं कर पाया मां की जुदाई का गम, मां के साथ ही जल जाना चाहता था जिंदा भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ह्दय विदारक घटना हुई। यहां मां की मृत्यु का गम एक बेटा बर्दाश्त नहीं कर पाया, उसे मां से इतना लगाव था कि भावुक होकर वह मां के साथ ही जिंदा जल जाना चाहता था, वह मां की चिता पर जिंदा लेट गया, ये देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। घटना शनिवार को भदभदा विश्राम घाट पर हुई। भोपाल के नेहरू नगर कोटरा में रहने वाला एक व्यक्ति अपनी वृद्ध मां की जुदाई बर्दाश्त नहीं कर सका। मां की मृत्यु के बाद जलती चिता पर अचानक कूद गया। उसने चिता पर लेटने की कोशिश की। इस हृदय विदारक दृश्य को देख वहां मौजूद लोग दंग रह गए। चिता के पास अफरा-तफरी मच गई। किसी तरह उसे चिता से हटाकर विश्रामघाट की एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज चल रहा है। इसमें उसका सीने, चेहरा, हाथ व पैर झुलस गए हैं। हालांकि, अब उस व्यक्ति का कहना है कि उसे अचानक चक्कर आ गया था और वह चिता पर गिर गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटरा नेहरू नगर ईडब्ल्यूएस में रहने वाली 85 वर्षीय चंद्रवती सराठे की बीमारी के चलते मौत हो गई। उनके दो बेटे हैं, बड़े बेटे का नाम दीपक सराठे और छोटे का नाम प्रदीप सराठे है, जो लगभग 40 वर्ष का है। मां की मृत्यु के बाद शवयात्रा भदभदा विश्राम घाट पहुंची। विधि विधान के साथ चंद्रवती का अंतिम संस्कार बड़ा बेटा दीपक कर रहा था। छोटा बेटा प्रदीप भी साथ में था। बड़े भाई ने जैसे ही चिता की परिक्रमा पूरी की, प्रदीप अचानक चिता की तरफ बढ़ा और चिता पर लेट गया। बड़ी मुश्किल से उसे चिता से उठाकर शवयात्रा में शामिल लोगों ने अस्पताल में भर्ती कराया।

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ह्दय विदारक घटना हुई। यहां मां की मृत्यु का गम एक बेटा बर्दाश्त नहीं कर पाया, उसे मां से इतना लगाव था कि भावुक होकर वह मां के साथ ही जिंदा जल जाना चाहता था, वह मां की चिता पर जिंदा लेट गया, ये देखकर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। घटना शनिवार को भदभदा विश्राम घाट पर हुई।

भोपाल के नेहरू नगर कोटरा में रहने वाला एक व्यक्ति अपनी वृद्ध मां की जुदाई बर्दाश्त नहीं कर सका। मां की मृत्यु के बाद जलती चिता पर अचानक कूद गया। उसने चिता पर लेटने की कोशिश की। इस हृदय विदारक दृश्य को देख वहां मौजूद लोग दंग रह गए। चिता के पास अफरा-तफरी मच गई। किसी तरह उसे चिता से हटाकर विश्रामघाट की एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज चल रहा है। इसमें उसका सीने, चेहरा, हाथ व पैर झुलस गए हैं। हालांकि, अब उस व्यक्ति का कहना है कि उसे अचानक चक्कर आ गया था और वह चिता पर गिर गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटरा नेहरू नगर ईडब्ल्यूएस में रहने वाली 85 वर्षीय चंद्रवती सराठे की बीमारी के चलते मौत हो गई। उनके दो बेटे हैं, बड़े बेटे का नाम दीपक सराठे और छोटे का नाम प्रदीप सराठे है, जो लगभग 40 वर्ष का है। मां की मृत्यु के बाद शवयात्रा भदभदा विश्राम घाट पहुंची। विधि विधान के साथ चंद्रवती का अंतिम संस्कार बड़ा बेटा दीपक कर रहा था। छोटा बेटा प्रदीप भी साथ में था। बड़े भाई ने जैसे ही चिता की परिक्रमा पूरी की, प्रदीप अचानक चिता की तरफ बढ़ा और चिता पर लेट गया। बड़ी मुश्किल से उसे चिता से उठाकर शवयात्रा में शामिल लोगों ने अस्पताल में भर्ती कराया।

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