मध्य प्रदेश

राज्यपाल पटेल का निर्देश: वन अधिकार अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन समन्वय के साथ करें

वन अधिकार अधिनियम का क्रियान्‍वयन समन्‍वय से करें: राज्यपाल पटेल

विशेष ग्राम सभाओं में होंगे वन अधिकारों की जागरूकता के प्रयास
राज्यपाल ने की सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के क्रियान्‍वयन की समीक्षा

भोपाल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम 2006 जनजाति कल्याण का प्रतिबद्ध प्रयास है। संबंधित विभाग इस अधिनियम के क्रियान्वयन को विशेष प्रयासों से और अधिक प्रभावी बनाए। उन्होंने कहा कि क्रियान्‍वयन कार्य में आवश्‍यकता अनुसार स्‍थानीय जन प्रतिनिधियों और ज़िम्मेदार नागरिकों का सहयोग लें।

राज्यपाल पटेल गुरुवार को लोकभवन में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। सांदीपनि सभागार में आयोजित बैठक में राज्‍यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे।

राज्यपाल पटेल ने बैठक में सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के कार्यों की जिलेवार समीक्षा की। सामुदायिक वन संसाधन, संरक्षण और प्रबंधन के अधिकारों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप ग्राम सभा की समुचित प्रक्रिया अपनाई जाये। समस्‍त प्रक्रिया को ग्राम सभा में सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में किया जाए। राज्‍यपाल पटेल ने पेसा ग्रामों में अधिनियम की प्रगति जानी। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के कार्यों और वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखें। समय-समय पर वित्तीय प्रबंधन के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों का निरीक्षण भी कराएं।

राज्यपाल पटेल को अपर मुख्य सचिव पंचायत ग्रामीण विकास श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने बताया कि 15 अगस्त की विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से वन संसाधन अधिकार अभियान को और आगे बढ़ाया जायेगा। स्थानीय स्तर पर जन जागरूकता के विशेष प्रयास किए जायेगें। अधिनियम के क्रियान्वयन से संबंधित सभी विभागों का सहयोग भी लिया जायेगा। प्रमुख सचिव जनजातीय कार्य गुलशन बामरा ने प्रदेश भर में वनाधिकार कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अधिनियम के क्रियान्‍वयन से जुड़ी समस्‍त प्रक्रियाओं की जानकारी दी। क्षेत्र विशेष की आवश्‍यकता अनुसार कार्यो पर चर्चा की। प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र सिंह ने आगामी दिनों में वन संसाधन अधिकार से संबंधित लंबित कार्यों को तेज़ी से पूर्ण करने की बात कही।

बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार, जनजाति प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती मीनाक्षी सिंह, प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) शुभरंजन सेन, प्रधान मुख्‍य वन संरक्षक मनोज कुमार अग्रवाल और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

 

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