मध्य प्रदेश

न्यायिक इतिहास में पहली बार हुई पूरे प्रदेश में ‘फुल कोर्ट रिफ्रेन्स’

सीजे ने कहा- न्यायिक प्रक्रिया में जिला न्यायालय रीढ़ की हड्डी और जिला कोर्ट के दिवंगत न्यायाधीश गुमनाम नायक

जबलपुर। न्यायिक इतिहास में यह पहला अवसर है कि जब सम्पूर्ण प्रदेश में फुल कोर्ट रिफ्रेन्स किया गया है। इस अवसर पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में जिला न्यायालय रीढ़ की हड्डी हैं और जिला कोर्ट के दिवंगत न्यायाधीश गुमनाम नायक।

जिला न्यायालय के सेवानिवृत्त तथा कार्यरत दिवंगत न्यायाधीश को श्रद्धांजलि अर्पित करने दोपहर 3.30 बजे संपूर्ण प्रदेश में रिफ्रेन्स रखा गया। न्यायिक इतिहास में यह पहला अवसर है कि जब सम्पूर्ण प्रदेश में फुल कोर्ट रिफ्रेन्स किया गया है। श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन हाईकोर्ट की मुख्यपीठ में चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम में हाईकोर्ट की ग्वालियर व इंदौर बैंच सहित प्रदेश के सभी जिला न्यायालय के न्यायाधीश शामिल हुए।

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ ने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में जिला न्यायालय रीढ़ की हड्डी है। उनके द्वारा प्रदान की गई सेवा को महत्व देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिला न्यायालय के सेवानिवृत्त तथा कार्यरत दिवंगत न्यायाधीश गुमनाम नायक हैं। उनके सम्मान में प्रतिवर्ष प्रदेश में फुल कोर्ट रिफ्रेन्स का आयोजन किया जाएगा। चीफ जस्टिस मलिमठ ने साल 2021 तथा 2022 में न्यायालय के सेवानिवृत्त व कार्यरत दिवंगत 23 न्यायाधीशों में प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में इंदौर व ग्वालियर हाईकोर्ट के बैंच के जस्टिस सहित प्रदेश के सभी जिला न्यायालय के न्यायाधीश वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित थे। मुख्यपीठ में आयोजित कार्यक्रम में हाईकोर्ट के न्यायाधीश, जिला न्यायालय में न्यायाधीश, एडवोकेट बार एसोसिएशनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ ने जिला न्यायालय को न्यायिक व्यवस्था का अभिन्न अंग मानते हुए जिला न्यायालय के दिवंगत न्यायाधीशों को श्रद्धांजलि अर्पित करने की उक्त निर्णय लिया। इसके पूर्व उन्होंने हाईकोर्ट के अलावा सभी न्यायालय को अधीनस्थ न्यायालय को जिला न्यायपालिका या जिला न्यायालय के संबोधित करने का निर्णय लिया था। मप्र न्यायाधीश संघ एव प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश इंदौर ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की संवेदनशीलता प्रदर्शित करता है। उन्होंने जिला न्यायालय में सेवाएं प्रदान करने वाले दिवंगत न्यायाधीशों को स्मरण करने का अवसर प्रदान किया। प्रियजनों को भूल पाना आसान नहीं होता है, यह निर्णय दिवंगत न्यायाधीशों के परिवार को हताशा से उबारने में सहयोग व हिम्मत प्रदान करेगा।

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