मध्य प्रदेश

बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेई पर FIR, पूर्व सीएम दिग्विजय के फर्जी इस्तीफा पत्र किया था वायरल….

इंदौर। चुनाव जीतने वोटों का ध्रुवीकरण किए जाने का एक और नाकाम प्रयास करते हुए बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेई रंगे हाथ धर लिए गए। इससे पार्टी की छवि पर भी गहरा आघात लगा है जिसका असर इस विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है। भारतीय जनता पार्टी बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेई ने पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का फर्जी इस्तीफा सोशल मीडिया में वायरल किया था।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के फर्जी इस्तीफा पत्र मामले में बीजेपी नेता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दरअसल, रविवार को कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची जारी होने के बाद दिग्गी का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। जिसमें उनके कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने की बात लिखी थी। हालांकि यह पत्र फर्जी निकला। जिसे बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेई ने वायरल किया था।

इस पूरे मामले को लेकर दिग्विजय सिंह और कांग्रेस नेताओं ने पुलिस से शिकायत की थी। जिसके बाद आज सोमवार को भोपाल क्राइम ब्रांच ने बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेई के खिलाफ IPC की धारा 469,501 के तहत मामला दर्ज किया है। हितेश वाजपेई ने यह पत्र सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (X) पर ट्वीट कर शेयर किया था। हालांकि बाद में उन्होंने इसे डिलीट कर दिया था।

इधर, कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा का एक वीडियो वायरल हुआ। जिसमें वे दिग्गी के फर्जी इस्तीफा मामले को लेकर शिकायती आवेदन देते हुए पुलिस अधिकारियों से कहते नजर आए कि बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेई ने एक फर्जी वीडियो बनाया था। फरवरी में उसकी शिकायत भी की थी, तीन महीने बाद मुझे बयान देने के लिए भी बुलाया था, लेकिन आज तक उसपर कायमी नहीं हुई है। अगर साइबर सेल पहले ही इस आपराधी बीजेपी का प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेई पर कार्रवाई कर लेता तो, दूसरी बार बीजेपी का प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेई दुस्साहस नहीं करता, एक महीने बाद हमारी सरकार आ रही है। जिन्होंने FIR दर्ज नहीं की, मैं उन सभी को मुल्जिम बनाऊंगा।

वहीं इसे लेकर बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेई ने आज सोमवार को ट्वीट कर लिखा- देखिये और सुनिए ! किस प्रकार ब्राम्हणों को गाली देने वाले कांग्रेसी एक पुलिस अधिकारी को धमका रहें हैं और देख लेने की धमकी दे रहें हैं ! क्या ये आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है। चुनाव आयोग और डीजीपी क्या एक ड्यूटी पर तैनात अफसर को ये लोग धमकाएंगे और इस तरह चुनाव होगा ? क्या यह अनैतिक और अवैधानिक नहीं है ? ये स्पष्ट MCC का उल्लंघन है और इस पर सख्त निर्देश जारी होना चाहिए जिससे की भय मुक्त चुनाव हों !

बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेई ने आगे कहा कि चुनाव आयोग इन पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दे। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेई ने डीजीपी से कहा कि आप भी इसका संज्ञान लेकर निष्पक्ष अफसरों का मनोबल ऐसे राजनेता न गिराएं इसलिए कार्यवाही जरूर करिए ! बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता हितेश वाजपेई ने कहा उम्मीद करता हूँ कि कमलनाथ भी अपने कार्यकर्ताओं को सरकारी अधिकारीयों का आदर करना सिखायेंगे और इस घटना का संज्ञान लेंगे !

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