फैसला कांग्रेस सरकार की ताबूत में एक और कील: कौशिक

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बिलासपुर। प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने 1300 से अधिक सहकारी समितियों को कांग्रेस सरकार द्वारा गैरकानूनी ढंग से भंग करने  के निर्णय को निरस्त करने के हाईकोर्ट के फैसले को कांग्रेस सरकार की ताबुत में एक और कील बताया है। सरकार को अब हठधर्मिता छोड़कर जनहित पर कार्य करना चाहिए। कोर्ट इस सरकार के फैसले को लगातार निरस्त कर रही है। पिछले दिनों ही इस सरकार ने एनआईए मामले में मुंह की खाई है।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह जवाब देना होगा कि आखिर हर बार न्यायपालिका में एक चुनी हुई सरकार की छीछालेदर कराने का जिम्मेदार कौन है? प्रदेश भर के 1333 सहकारी संस्थाओं का कामकाज बाधित करने, बड़ी संख्या में चुने हुए जन प्रतिनिधि को बेवजह परेशान करने का शासन का काम लोकतंत्र की हत्या है इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।

       नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि सहकारी समितियों को बहाल करने के हाईकोर्ट के फैसले से सबक लेते हुए सीएम बघेल अब कम से कम यह तय कर लें कि हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट तक नाहक मुकदमेबाजी करना छोड़, बहानेबाजी आदि से बचते हुए अपने मूल काम पर ध्यान देंगे।