भाजपा के विभाजनकारी नीति का परिणाम है नागरिकता संशोधन बिल – शैलेष नितिन

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रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि राजनीतिक फायदे के लिए धर्म से धर्म को लड़ाना भाजपा की नीति बन चुकी है। जिसका बचाव करने का असफल प्रयास रमन सिंह ने किया है। भारतीय जनता पार्टी ने नोटबंदी के तर्ज पर नागरिकता संशोधन कानून लाया है। नोटबंदी करके लोगों को लाईन में लगाकर खड़ा किया था। मोदी सरकार अब नागरिकता संशोधन बिल लाकर नागरिकता के लिए भी पूरे देश को वैसे ही लाइन में खड़ा करना चाहती है।

रमन सिंह बताएं कि देश को लाइन में खड़े करके भाजपा को क्या मिलेगा ? मोदी सरकार नागरिकता संशोधन बिल लाकर क्या करना चाहती है ? फिर से भारतीय जनता पार्टी ने मोदी सरकार ने जैसे नोटबंदी के समय पूरे देश के लोगों को लाईन में खड़ा कर दिया था, नोट बदलवाने के लिए। नागरिकता संशोधन बिल के द्वारा ये पूरे देश में नागरिकता के लिए वैसे ही लाईन में खड़े करेंगे।

नोटबंदी से 14 लोगों की मौत हुई थी। नागरिकता संशोधन बिल विधेयक पर आप देख ही रहे हैं पूरे देश में इसके प्रति नाराजगी है। पूरा पूर्वोत्तर भारत अशांत है, बंगाल अशांत है। असम, बंगाल, बिहार देश में चौरतरफा आग लग गई है। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे का भारत दौरा रद्द हुआ है।

बांग्लादेश के गृह मंत्री और विदेश मंत्री का भारत प्रवास रद्द हो गया है। देश में इस अराजकता और हिंसा के लिए मोदी और शाह और उनके द्वारा लाया गया नागरिक संशोधन बिल जवाबदार है।

बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा बनाया गया हमारा संविधान आर्टिकल 5, आर्टिकल 10, आर्टिकल 14 कहता है, धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं हो सकता। लेकिन भाजपा धर्म के नाम पर एक दूसरे को सारे देशवासियों को लड़ाना चाहती है और धर्म से धर्म की लड़ाई का राजनैतिक फायदा उठाना चाहती है। सांप्रदायिकता फैलाना चाहता है। बेहद आपत्तिजनक है।

असम, बंगाल, बिहार में अशांति की स्थिति बनी हुई है। इस अशांति एवं हिंसा के लिए जिम्मेदार भाजपा की विभाजनकारी नीतियों का व्यापक विरोध हो रहा है।   भाजपा और आरएसएस राजनीतिक फायदे के लिये देश के सामाजिक ताने-बाने को और परस्पर सद्भाव को नष्ट करने का काम किया है। पूरा देश जानता है कि भाजपा की मोदी सरकार ही इसके लिये दोषी मान रहा है।