मध्य प्रदेश

जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम के बहाने मध्यप्रदेश में आदिवासी वोटर्स को साधने में जुटी भाजपा, कार्यक्रम में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ….

भोपाल। मध्यप्रदेश में 2023 के विधानसभा चुनाव में मजज 12 का समय बचा है। ऐसे में बीजेपी ने आदिवासी वोटरों पर अपनी पकड़ मजबूत बनाने की तैयारी तैयारी कर ली है। भाजपा कल 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस पर प्रदेश की सभी पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित कर रही है। लेकिन, शहडोल में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। शहडोल के कार्यक्रम में देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होंगी। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री ने रविवार को खुद ही दी है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी से उनकी बात हुई है। उन्होंने राष्ट्रपति को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण दिया है। हमारा सौभाग्य है कि महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी ने मध्यप्रदेश का निमंत्रण स्वीकार किया है। राष्ट्रपति का मध्यप्रदेश का प्रथम आगमन हमारे लिए गौरव की बात है। राष्ट्रपति 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में शहडोल पधारेंगी। सीएम ने कहा कि संपूर्ण मध्यप्रदेश राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सुनेगा। मध्यप्रदेश की धरती पर महामहिम राष्ट्रपति महोदया का भव्य स्वागत होगा।

द्रौपदी मुर्मू देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति हैं। बीजेपी द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर आदिवासियों की हितैषी पार्टी होने का संदेश पहले ही दे चुकी है। मिशन 23 और मिशन 24 के तहत आदिवासी वर्ग को साधने के लिए बीजेपी लगातार बड़े कार्यक्रम कर रही है। पिछले डेढ़ साल में बीजेपी ने प्रदेश में आदिवासी वोटरों को साधने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और अमित शाह के जबलपुर, भोपाल में बड़े कार्यक्रम आयोजित किए हैं। आदिवासी वर्ग के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 15 नवंबर को पेसा एक्ट लागू करने का ऐलान कर चुके हैं। पेसा एक्ट में आदिवासी ग्राम सभाओं को ताकत मिलेगी। राजनीतिक समीक्षकों के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शहडोल बुलाना आदिवासी वोटरों को साधने की ही रणनीति का हिस्सा है।

प्रदेश में आदिवासियों की आबादी दो करोड़ के करीब है। वहीं, 230 सीटों वाली मध्यप्रदेश विधानसभा में आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित सीटों की संख्या 47 है। लेकिन प्रदेश की 84 सीटों पर आदिवासी वोटर्स का सीधा प्रभाव है। इन सीटों पर आदिवासी वोट ही जीत-हार तय करते हैं। इसी कारण बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दल आदिवासी वोटर्स को साधकर रखना चाहते हैं। 2018 के चुनाव में कांग्रेस को इन 47 सीटों में से 30 पर जीत मिली थी।

जनजातीय गौरव दिवस पर कल 15 नवंबर को सरकार शहडोल में बड़े आयोजन के साथ ही प्रदेश की सभी पंचायतों में भी कार्यक्रम आयोजित कर रही है। कार्यक्रम में नवनिर्मित कन्या शिक्षा परिसरों का वर्चुअली लोकार्पण होगा। संपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम, पेसा एक्ट, मित्र-24×7 कॉल सेंटर और ट्राइबल डिजाइन सेंटर- एनआईडी भोपाल का शुभारंभ भी किया जाएगा। साथ ही जेईई, नीट और क्लेट के विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

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