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उपचुनाव नतीजों से पहले चुनाव आयोग ने ममता सरकार से की अपील- जीत का जश्न न मने पर चुनावी हिंसा जरूर रोकिए …

कोलकाता । पश्चिम बंगाल की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित होने से पहले चुनाव आयोग ने ममता सरकार को साफ निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसी भी तरह का जीत का जश्न न मनाया जाए। चुनाव आयोग की ओर से बंगाल सरकार को लिखी गई चिट्ठी में कहा गया है कि उपचुनाव के लिए मतगणना के दौरान या नतीजे आने के बाद किसी भी तरह का जश्न न मनाया जाए। सत्ता की गेंद ममता बनर्जी के हाथ में है और भाजपा इस गेंद को लपकने के लिए ललायित है लेकिन मोदी-शाह को इस गेंद को लपकने के लिए अभी पांच साल और इंतजार करना होगा। 

बता दें कि खुद बंगाल की सीएम भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ रही हैं और उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है, जिसके बाद कई जगह टीएमसी कार्यकर्ता जश्न मनाते देखे गए हैं। बीजेपी ने इस सीट से प्रियंका टिबरेवाल को ममता के खिलाफ अपना उम्मीदवार बनाया था। चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि चुनाव बाद हिंसा रोकने के लिए भी सभी जरूरी उपाय किए जाएं।

इलेक्शन कमीशन की इस विनम्र अपील से लोगों में यह सीधा मैसेज जा रहा है कि ममता बनर्जी यह उप चुनाव भारी मतों से जीत रहीं हैं और जीत का जश्न पार्टी कार्यकर्ता बड़े ही शानदार ढंग से मनाएंगे और पटाखे भी फोड़ेंगे। जिसका अंदेशा हाेने पर चुनाव आयोग ने यह निर्देश जारी करते हुए अपील की है।

इसी साल हुए बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य में कई जगह हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं, जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी चल रही है।

अगर ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल का सीएम बने रहना है तो उनके लिए भवानीपुर सीट पर हो रहे उपचुनाव को जीतना जरूरी है। वह विधानसभा चुनाव में बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी से नंदीग्राम सीट पर हार गई थीं। ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से दो बार चुनाव जीत चुकी हैं।

भवानीपुर के अलावा बंगाल की मुर्शिदाबाद जिले के  शमशेरगंज और जंगीपुर सीटों पर भी 30 सितंबर को उपचुनाव हुआ था। तीनों सीटों के नतीजे आज घोषित होंगे।

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