
योगी ने कसी नकेल; अफसरों की तरह अब प्रदेश के मंत्रियों को भी देनी होगी पूरे परिवार के प्रॉपर्टी ब्यौरा, मचा हड़कंप …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ अपने दूसरा कार्यकाल में बड़े और कड़े कदम उठा रही है। इससे भ्रस्टाचार पर तो तेजी से अंकुश लगेगा लेकिन पार्टी में अंदरूनी कलह शुरू हो सकती है। कारण योगी कैबिनेट की हुई बैठक में अब मंत्रियों को भी अपने व परिवारी की प्रॉपर्टी की पूरी जानकारी देनी होगी। इससे पार्टी में ही आक्रोश पनपने का अंदेशा बना हुआ है।
योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 का एक महीना पूरा हो चुका है। लाल बहादुर शास्त्री भवन में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने कई अहम फैसले लिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए आईएएस और आईपीएस अफसरों की तरह मंत्रियों को भी अपनी प्रापर्टी का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने का आदेश दिया है।
मंत्रियों को अपने साथ-साथ पत्नी, बच्चों और परिवार के अन्य आश्रित सदस्यों की सम्पत्ति का भी ब्योरा देना होगा। इसके साथ ही सीएम योगी ने मंत्रियों से कहा है कि परिवार के सदस्यों का सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस आदेश को भ्रष्टाचार पर नकेल लगाने के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है।
सांसद और यूपी के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकारी अधिकारियों के लिए यह नियम पहले से है। बतौर अफसर और सांसद के लिए नामांकन करने के वक्त और उसके बाद भी वह अपनी और आश्रितों की सम्पत्ति का ब्योरा देते रहे हैं। जिम्मेदार पद पर बैठे हुए हर शख्स के लिए ऐसा करना अनिवार्य होने के बाद भ्रष्टाचार पर काफी हद तक लगाम लगेगी।
कैबिनेट बैठक के बाद इसमें लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कुल 10 प्रस्ताव आए थे जिसमें से नौ पास हो गए। सरकार ने 10 लाख लीटर एचपीएलसी (हाई परफारमेंस लिक्विड क्रोमेटोग्राफी) का उत्पादन करने का निर्णय लिया है। यह एक प्रकार का इथेनाल है कि जिसका उपयोग प्रयोगशालाओं में किया जाता है। पहले इसे चीन से आयातित किया जाता था। विधानसभा में समय-समय पर आने वाले असरकारी प्रस्तावों के लिए संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य, धर्मपाल सिंह, जयवीर सिंह और योगेंद्र उपाध्याय समिति के सदस्य होंगे।
मंत्री गोपाल नंदी ने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर स्थापित टोल प्लाजा के संचालन, टोल की वसूली, छह एंबुलेंस और 12 पेट्रोलिंग वाहनों के संचालन के लिए एजेंसी के चयन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। टोल टैक्स की दरें अधिसूचित की जाएंगी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर टोल की वसूली 1 मई से शुरू होगी। 222 करोड़ में निविदा हुई है। इससे जो भी टोल कलेक्शन होगा उससे जो सड़क बनाई गई है उसकी किस्तें और ब्याज भरा जाएगा और लोगों को अच्छी सुविधाएं मिले इसके लिए इसे कैबिनेट से पास किया गया।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत 27,555 अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 7000 प्रतिमाह से बढ़ाकर 9000 प्रतिमाह करने का फैसला। इसके साथ ही मिड डे मील पकाने वाले 3,77,520 रसोइयों का वेतनमान 1500 प्रतिमाह से बढ़ाकर 2000 करने तथा पुरुष रसोइयों को पैंट शर्ट व महिला रसोइयों को साड़ी देने के लिए उनके खातों में 500 की राशि भेजी जाएगी।
कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि लोक निर्माण विभाग नाबार्ड की आरआइडीएफ योजना के तहत वित्तपोषित की जाने वाली सड़कों के निर्माण के एस्टीमेट पेश करते समय उसमे पांच वर्षों के रखरखाव की लागत को जोड़ा जाएगा। रखरखाव की लागत परियोजना लागत की अधिकतम 10% होगी। इन मार्गों के वर्षवार रखरखाव की दरें विभागीय उच्च स्तरीय तकनीकी समिति समय-समय पर निर्धारित करेगी जिसे लोक निर्माण विभागाध्यक्ष अनुमोदित करेंगे।
















