छत्तीसगढ़

CG में धान खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़कर होगी 3100, 15 नवंबर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी

रायपुर
 प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के रूप में शुक्रवार को राज्य के 24 लाख 59 हजार 707 किसानों के बैंक खातों में 498 करोड़ 48 लाख रुपये अंतरित किए गए। वहीं, प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की तैयारियों के बीच राज्य सरकार ने 360 नए उपार्जन केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश में खरीदी केंद्रों की संख्या 2,740 से बढ़कर 3,100 हो जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में आयोजित पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में ये जानकारी दी।

देशभर में 18 हजार करोड़ से ज्यादा जारी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से जारी की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि छोटे और सीमांत किसानों के लिए आर्थिक संबल बनी है।

किसानों को अब तक इस योजना के तहत 11,776 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की राशि मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिक मजबूती और खेती को लाभकारी बनाना सरकार का संकल्प है।

15 नवंबर से 15 जनवरी तक होगी धान खरीदी

मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में धान खरीदी की प्रक्रिया 15 नवंबर 2026 से शुरू होगी।धान खरीदी 15 जनवरी 2027 तक चलेगी। सरकार ने खरीदी प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।नए खरीदी केंद्रों के खुलने से किसानों को धान बेचने में सुविधा मिलेगी और खरीदी केंद्रों पर भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

10 नवंबर से 24 घंटे मिलेगा ऑनलाइन टोकन

धान बेचने के लिए किसानों को टोकन लेने की सुविधा भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, तुंहर टोकन एप के माध्यम से 10 नवंबर से 24 घंटे ऑनलाइन टोकन प्राप्त किए जा सकेंगे।इससे किसान अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन टोकन ले सकेंगे और खरीदी केंद्रों में अनावश्यक भीड़ से बच सकेंगे।

2 से 5 नवंबर तक होगा ट्रायल रन

धान खरीदी शुरू होने से पहले व्यवस्था की जांच के लिए 2 नवंबर से 5 नवंबर तक समितियों में ट्रायल रन किया जाएगा।इस दौरान खरीदी केंद्रों की तैयारियों, तकनीकी व्यवस्थाओं और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं का परीक्षण किया जाएगा, ताकि 15 नवंबर से धान खरीदी सुचारु रूप से शुरू हो सके।

24.59 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 498 करोड़ रुपये

पीएम किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त का लाभ भी मिला।शुक्रवार को प्रदेश के 24 लाख 59 हजार 707 किसानों के बैंक खातों में 498 करोड़ 48 लाख रुपये डीबीटी के माध्यम से अंतरित किए गए।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए आर्थिक संबल बनी है।

एक नजर में धान खरीदी 2026-27 की तैयारी

विवरण

जानकारी

नए खरीदी केंद्र

360

वर्तमान खरीदी केंद्र

2,740

नए केंद्रों के बाद कुल

3,100

धान खरीदी शुरू

15 नवंबर 2026

धान खरीदी की अंतिम तिथि

15 जनवरी 2027

ऑनलाइन टोकन

10 नवंबर से

ट्रायल रन

2 से 5 नवंबर

टोकन सुविधा

तुंहर टोकन एप

लाभान्वित किसान

2 लाख से अधिक को नजदीकी केंद्र की सुविधा

15 नवंबर से 15 जनवरी तक होगी धान खरीदी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक धान खरीदी होगी। नए केंद्र खुलने से दो लाख से अधिक किसानों को अपने घर के नजदीक उपज बेचने की सुविधा मिलेगी। तुंहर टोकन एप से 10 नवंबर से 24 घंटे ऑनलाइन टोकन मिलेंगे। दो से पांच नवंबर तक समितियों में ट्रायल रन होगा।

नए उपार्जन केंद्रों से किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
राज्य सरकार द्वारा 360 नए उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति से प्रदेश में धान खरीदी की व्यवस्था का व्यापक विस्तार होगा। नए केंद्रों के प्रारंभ होने से किसानों को अपने गांव अथवा आसपास के क्षेत्रों में धान विक्रय की सुविधा मिलेगी। इससे धान लेकर दूरस्थ उपार्जन केंद्रों तक जाने की आवश्यकता कम होगी और परिवहन पर होने वाले खर्च में भी बचत होगी।

अब तक जिन उपार्जन केंद्रों पर अधिक संख्या में किसानों के पहुंचने के कारण भीड़ और प्रतीक्षा की स्थिति बनती थी, वहां भी नए केंद्रों के प्रारंभ होने से दबाव कम होगा। किसानों का आवागमन विभिन्न केंद्रों में विभाजित होने से धान की तौल, गुणवत्ता परीक्षण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने में सहायता मिलेगी। इस निर्णय से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए कम समय देना पड़ेगा और वे अपने कृषि कार्यों तथा अन्य आवश्यक गतिविधियों के लिए अधिक समय निकाल सकेंगे। विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत किसानों को इससे सुविधा मिलने की अपेक्षा है।

दो लाख से अधिक किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
प्रदेश में स्वीकृत 360 नए धान उपार्जन केंद्रों से दो लाख से अधिक पंजीकृत किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इन किसानों को नए केंद्रों के माध्यम से टोकन प्राप्त करने और निर्धारित अवधि में धान विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध होगी।

नए उपार्जन केंद्रों के संचालन से धान खरीदी की क्षमता का विस्तार होगा। एक ही समय में अधिक केंद्रों पर खरीदी होने से अधिक संख्या में किसानों का धान निर्धारित अवधि के भीतर खरीदा जा सकेगा। इससे पुराने केंद्रों पर किसानों की निर्भरता कम होगी और धान विक्रय के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा की समस्या में कमी आएगी। 

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