
सरकार देगी मुफ्त ट्रेनिंग, भोजन और आवास के साथ स्टाइपेंड भी: राज्यमंत्री गौर
फ्री ट्रेनिंग में रहना-खाना मुफ्त, स्टाइपेंड भी देगी सरकार : राज्यमंत्री गौर
सुरक्षाबलों में भर्ती के लिए 11 मई तक करें ऑफलाइन आवेदन,
भोपाल
मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सेना, पुलिस, होमगार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में भर्ती के लिए निशुल्क ट्रेनिंग देने जा रही है। अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए शुरू की गई 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना' में उन्हें 45 दिन का निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना से प्रदेश के 4000 ओबीसी युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना का लाभ लेने के लिए 11 मई की शाम 6 बजे तक आवेदन किए जा सकते हैं।
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रदेश के ओबीसी वर्ग के युवाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी संकल्प को साकार करते हुए सैन्य बलों में भर्ती की निःशुल्क कोचिंग के लिए शुरू की गई 'शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026' युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक सौगात है। उन्होंने प्रदेश के ओबीसी वर्ग के प्रतिभावान युवक-युवतियों से इस योजना में बढ़-चढ़कर आवेदन करने की अपील की है।
राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑफलाइन और निःशुल्क रखी गई है। उम्मीदवार, पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट ( www.bcwelfare.mp.gov.in) से फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, 20 चयनित जिलों में स्थित पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 'सहायक संचालक कार्यालयों' से भी निःशुल्क आवेदन फॉर्म प्राप्त किए जा सकते हैं। इन फॉर्म को सही तरीके से भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ 11 मई या उससे पहले इन्हीं कार्यालयों में जमा करना होगा।
योजना के लिए कौन पात्र होगा?
आवेदन करने के लिए युवा का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना और अन्य पिछड़ा वर्ग (नॉन-क्रीमीलेयर) श्रेणी में आना अनिवार्य है। आवेदक का न्यूनतम 12वीं कक्षा पास होना जरूरी है। शारीरिक मापदंड के तहत पुरुषों की न्यूनतम ऊंचाई 168 सेंटीमीटर और महिलाओं की 155 सेंटी मीटर होनी चाहिए। साथ ही, आवेदक के पैरों के तलवे चपटे (फ्लैट फुट) नहीं होने चाहिए और 'सावधान' की मुद्रा में खड़े होने पर दोनों घुटने आपस में टकराने (नॉक नीज़) नहीं चाहिए। आवेदन यदि 4000 से अधिक प्राप्त होते हैं, तो चयन 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों (मेरिट) के आधार पर किया जाएगा। अंक समान होने की स्थिति में अधिक उम्र वाले अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी।
ट्रेनिंग के दौरान मिलेंगी कई सुविधाएं
चयनित युवाओं को ट्रेनिंग के दौरान कई शानदार सुविधाएं निशुल्क दी जाएंगी। प्रशिक्षणार्थियों को 45 दिन के आवासीय प्रशिक्षण में नाश्ता, दोनों समय का भोजन और अध्ययन सामग्री विभाग की ओर से निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षण अवधि में जेब खर्च के लिए पुरुष अभ्यर्थियों को 1,000 रुपए प्रतिमाह और महिला अभ्यर्थियों को 1,100 रुपए प्रतिमाह का स्टाइपेंड भी सीधे उनके बैंक खातों में दिया जाएगा। योजना में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कुल 4000 सीटों में से 35 प्रतिशत सीटें महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रखी गई हैं।
ट्रेनिंग प्रोग्राम को रिजल्ट ओरिएंटेड बनाया गया है। इसमें युवाओं को हर दिन लगभग 4 घंटे सैद्धांतिक विषयों की तैयारी कराई जाएगी। इसके अलावा, सुबह और शाम मिलाकर प्रतिदिन 3 घंटे दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद और गोला फेंक जैसी शारीरिक ट्रेनिंग दी जाएगी। शुरुआत में यह ट्रेनिंग प्रदेश के 20 जिलों (भोपाल, रायसेन, इंदौर, खंडवा, उज्जैन, मंदसौर, सागर, टीकमगढ़, जबलपुर, छिंदवाड़ा, ग्वालियर, गुना, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, सतना, नर्मदापुरम, बैतूल, मुरैना और भिंड) के 40 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इन केंद्रों में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी।

















