देश

गिरिडीह उपचुनाव में जीत के लिए भाजपा सक्रिय, चंपाई सोरेन और बाबूलाल मरांडी संभालेंगे मोर्चा

 रांची
 अगले चार महीने में होने वाले गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश कार्यसमिति की दो दिन चली बैठक में बनी रणनीति को पार्टी सबसे पहले गिरिडीह में आजमाएगी।

भाजपा सामान्य वर्ग और ओबीसी समुदाय के बीच मजबूत रही है। हालांकि, पीरटांड़ के आदिवासी बहुल बूथों पर पार्टी पिछले दो विधानसभा चुनाव से पिछड़ रही है। इसे देखते हुए इस बार भाजपा अपने आधार वोटबैंक को बंटने से रोकने और आदिवासी मतदाताओं का समर्थन हासिल करने पर ध्यान दे रही है।

वैश्य समुदाय को भी एकजुट रखने की योजना है। कार्यसमिति में पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण की मांग उठाकर पार्टी ने इस दिशा में पहल की है। पीरटांड़ में बढ़त के लिए भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को सक्रिय करने की योजना बनाई है।

संताल आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में दोनों नेता छठ के बाद प्रचार करेंगे। गिरिडीह उपचुनाव के लिए किसी प्रदेश महामंत्री को प्रभारी बनाया जाएगा।

सह संगठन प्रभारी सौरभ सिंह भी त्योहार के बाद वहां कैंप करेंगे। कार्यसमिति की बैठक में शामिल राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उपचुनाव में जीत के लिए ठोस योजना बनाने की सलाह दी है।

गिरिडीह में कार्यकर्ताओं से मिल चुके हैं सौदान सिंह
राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह अपने सप्ताह भर के प्रवास के दौरान गिरिडीह में भाजपा कार्यकर्ताओं से मिल चुके हैं। चुनाव हार चुके एक पूर्व प्रत्याशी से उन्होंने कहा कि गिरिडीह पार्टी की जीती हुई सीट थी, जिसे बरकरार नहीं रखा जा सका। उन्होंने कार्यकर्ताओं से उपचुनाव में जीत के लिए पूरी मेहनत करने की अपील की।

 

Back to top button