मध्य प्रदेश

भोपाल में अखबारी कागज में नाश्ता देने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, शुद्ध खान-पान सुनिश्चिरत करने की दिशा में प्रशासन हुआ सख्त …

भोपाल। ईट राइट चैलेंज-2 के तहत अखबारी कागज में नाश्ता देने पर भोपाल जिला प्रशासन ने पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। इसके लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम नगर निगम के अमले के साथ मिलकर अभियान चला रही है। वह होटल और नाश्ते की दुकान चलाने वालों को समझाइश देकर शपथ पत्र भी ले रही है। कलेक्टर अविनाश लवानिया ने कारोबारियों को सख्त हिदायत दी है कि वह स्याही से छपे किसी भी तरह के कागज का उपयोग न करें, अन्यथा संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर अविनाश लवानिया के अनुसार ईट राइट चैलेंज के अंतर्गत जिले में इस बार यह प्रयास किया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति खाने की सामग्री को अखबार के कागज में रखकर नहीं देगा और न ही लेगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जब हम कोई खाने की सामग्री लें या दें तो फूड ग्रेड मटेरियल में ही लें। अखबारी पेपर में सामग्री देते हुए कोई पाया जाता है तो उस पर कार्रवाई भी की जाएगी। कागज पर छपी स्याही नाश्ते में मिल जाती है, जिसका सेवन करने से नागरिकों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। खाने की सामग्री के लिए पत्तों से निर्मित दोने, बटर पेपर या अन्य सामग्री का उपयोग किया जाए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि यह नवाचार शुरू किया है अभियान चलाते हुए सभी दुकान मालिकों से आग्रह किया जा रहा है कि वह इस अभियान को सफल बनाएं। इससे प्रदेश के साथ ही देश में भोपाल का नाम होगा।

दो लाख रुपए तक जुर्माने का है प्रावधान

खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र दुबे ने बताया कि वर्ष 2016 में ही अखबारी पेपर को खाद्य सामग्री के लिए उपयोग करने पर रोक लगा दी गई हैं। खाद्य अमला सीधे तौर पर इसमें कोई कार्रवाई या जुर्माना नहीं कर सकता है, लेकिन यदि नियम का पालन नहीं किया गया तो एडीएम संबंधित दुकानदार पर दो लाख रुपये तक के जुर्माने की कार्रवाई कर सकते हैं।

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