छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में सूखे जैसे हालात की आहट, बारिश रुकने से धान की फसल पर संकट गहराया

जगदलपुर.

दो सप्ताह पहले हुई अच्छी बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली थी. बारिश के बाद धान की रोपाई और बियासी का काम तेजी से पूरा हुआ. लेकिन अब बारिश थमने से खेतों की नमी तेजी से कम होने लगी है. टिकरा खेत सूख रहे हैं और कई जगह मिट्टी में दरारें दिखाई देने लगी हैं.

तेज धूप के कारण धान की बढ़वार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. संभाग के अधिकांश जिलों में सामान्य वर्षा दर्ज हुई है. हालांकि कांकेर जिला अब भी सामान्य बारिश से करीब 28 प्रतिशत पीछे है. मौसम विभाग ने फिलहाल व्यापक भारी बारिश की संभावना नहीं जताई है. यदि अगले एक सप्ताह तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो खेती पर असर बढ़ सकता है. किसानों की चिंता है कि मेहनत से लगाई गई फसल संकट में पड़ सकती है. खेती पूरी तरह मानसून पर निर्भर होने से नजर अब आसमान पर टिकी है. बारिश की अगली खेप किसानों के लिए राहत या परेशानी तय करेगी.

खाद कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई की मांग
नारायणपुर. खरीफ सीजन के बीच नारायणपुर के किसानों ने उर्वरकों की कीमतों को लेकर गंभीर शिकायत की है. तेरदुल गांव के किसानों ने कलेक्टर और कृषि विभाग को ज्ञापन सौंपा. आरोप है कि निजी कृषि केंद्र एमआरपी से कई गुना ज्यादा कीमत वसूल रहे हैं. किसानों का कहना है कि यूरिया और डीएपी के साथ दूसरे उत्पाद भी जबरन खरीदवाए जा रहे हैं. ऐसा नहीं करने पर जरूरी खाद देने से इनकार करने का आरोप लगाया गया है. इससे खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है. किसानों ने सभी निजी कृषि केंद्रों की जांच की मांग की है. दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और तय कीमत पर खाद उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई है. खरीफ सीजन में समय पर खाद नहीं मिलने से फसल प्रभावित होने की आशंका है. किसानों का कहना है कि यह नियमों के विपरीत है. अब प्रशासन की जांच और कार्रवाई पर सभी की नजर है. यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो खेती पर इसका सीधा असर पड़ सकता है.

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