
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ समग्र शिक्षा का राज्य स्तरीय प्रस्तावित कार्य 10 कार्य योजना के अंतर्गत “#बस्ताविहीनस्कूल” #10 दिन की कार्यशाला का शुभारंभ शा पू मा शाला खमतराई में किया गया। 23 अक्टूबर 2021 को द्वितीय दिवस के अवसर पर अश्विन जावलकर की उपस्थिति में हमारे निवास स्थान पर किया गया। कार्यक्रम में प्रधान अध्यापिका अनीता शर्मा, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला खमतराई, उच्च वर्ग शिक्षक दीप्ति जावलकर, राज किशोरी तिर्की, ज्योति वाला थाबाइत, नसरीन बानो कुरैशी, विजय शर्मा, प्रीति पांडे, शाला के सभी शिक्षक बस्ता विहीन स्कूल उपस्थित थे।

बस्ता विहीन स्कूल भाग 1-
हुनर का नाम- क्राफ्ट पेपर एवं अनुपयोगी पेपर इत्यादि के द्वारा एक्सप्लोजरबॉक्स ,एल्बम एवं ग्रीटिंग कार्ड का निर्माण।
स्थानीय कला विशेषज्ञ- कुमारी- आध्या शर्मा खमतराई निवासी द्वारा बच्चों को क्राफ्ट पेपर से लिफाफा बनाने की विधि बताई गई एवं उससे होने वाले फायदे के विषय में उन्हें जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कला के माध्यम से उन्हें अपने जीवन यापन हेतु व्यवसायिक रूप में इसे अपनाकर इसमें कमाई भी की जा सकती है। इससे बच्चे के कौशल विकास में बहुत ही सहयोग प्रदान होता है। बच्चे बेकार चीजों का उपयोग करना सकते हैं। उनकी कल्पना शक्ति बढ़ती है। उनमें काल्पनिक शक्ति का विकास, बौद्धिक विकास, जिज्ञासु प्रवृत्ति उत्पन्न होना, कौशल क्षमता का विकास, सहयोग की भावना का विकास, प्रतियोगिता का विकास, और विभिन्न आकृतियों की पहचान उनके मेजरमेंट को समझना विभिन्न रंगों की पहचान एवं उनका सही सदुपयोग आदि गुणों का विकास होता है।
शाला के सभी बच्चों ने रुचिपूर्वक हमसे प्राप्त द्वारा विभिन्न प्रकार के सामग्री निर्माण का विधि को समझा एवं देखा और स्वयं द्वारा निर्माण किया। इस प्रकार यह कार्यशाला सफल रहा और अनीता शर्मा, दिखती जावलकर, नसरीन बानो, ज्योति बाला के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में खमतराई के स्थानीय कलाकार आध्या शर्मा एवं अश्विन जावलकर को प्रधान पाठक अनीता शर्मा ने धन्यवाद दिया। बच्चों को मार्गदर्शन देने हेतु आग्रह किया।

















