मध्य प्रदेश

सगे भांजे की दी थी सुपारी, लेकिन कंस मामा का नापाक प्लान हो गया फेल, एक करोड़ के लिए मामा ने ही कराया था भोपाल के बैंक मैनेजर का अपहरण …

भोपाल। एमपी की राजधानी भोपाल में आईसीआईसीआई बैंक के रिकवरी मैनेजर को उसके ही सगे मामा ने अगवा कराया था। आरोपी मामा ने ही भांजे के मोबाइल से अपनी बहन को फोन लगाकर एक करोड़ की फिरौती मांगी थी। फिर खुद ही बहन के साथ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंच गया। शनिवार को पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए राहुल के सगे मामा अनुपम दास के अलावा हंसराज वर्मा और आदित्य चौरसिया को गिरफ्तार किया है। अनुपम दास ने ही किडनैपिंग के लिए हंसराज और आदित्य को 50 हजार रुपए देकर हायर किया था। दोनों आरोपी प्राइवेट अस्पताल में जॉब करते हैं।

एडिशनल डीसीपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने मीडिया को बताया कि भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र निवासी आईसीआईसीआई बैंक के रिकवरी मैनेजर राहुल राय का शुक्रवार दोपहर एमपी नगर से अज्ञात बदमाशों द्वारा अपहरण कर लिया गया था। पुलिस को राहुल राय रात में रातीबड़ इलाके की एक सुनसान जगह पर बेसुध हालत में पड़ा मिला था। रातीबड़ थाने से थोड़ा आगे निकलते ही आदित्य ने राहुल के सिर पर लोहे की रॉड मार दी। इससे वह बेसुध हो गया। इसके बाद उन्होंने रस्सी से राहुल का गला दबा दिया। इसके बाद राहुल के मोबाइल से उसकी मां को फोन किया। धमकी दी कि दो घंटे में 1 करोड़ रुपए की व्यवस्था कर लो, नहीं तो राहुल को मार दिया जाएगा। लेकिन, जब आरोपियों को पता चला कि राहुल की मां पैसे का इंतजाम नहीं कर पा रही हैं, तो दोनों ने उसे मृत समझकर सुनसान जगह पर फेंक दिया और भाग निकले।

एडिशनल डीसीपी के मुताबिक राहुल आईसीआईसीआई बैंक की एमपी नगर शाखा में रिकवरी मैनेजर हैं। शुक्रवार को रोजाना की तरह राहुल ड्यूटी पर बैंक पहुंचा था। दोपहर में हंसराज और आदित्य कार से बैंक पहुंचे। यहां हंसराज ने राहुल राय से मुलाकात कर बताया कि बैंक ऑफ इंडिया, रातीबड़ शाखा में उनका लोन मंजूर नहीं हो रहा। वह इस मामले में मदद के बहाने राहुल राय को कार से रातीबड़ ले गए थे।

पुलिस के अनुसार राहुल की मां को जैसे ही फिरौती का फोन आया, उन्होंने पुलिस और अपने भाई अनुपम दास को जानकारी दी। अनुपम दास तुरंत ही बहन के घर पहुंचा और उन्हें थाने लेकर पहुंचा। थाने में वह बहन के साथ काफी देर तक रहा। उसे भरोसा था कि भांजे का मर्डर हो चुका है और उसके दोनों साथी भाग निकले हैं। ऐसे में उसका पकड़ा जाना मुमकिन नहीं है। इसी विश्वास के साथ वह थाना परिसर में ही घूमता रहा। इसी बीच पुलिस को राहुल के रातीबड़ इलाके में घायल अवस्था में पड़े होने की सूचना मिली। सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया।  इसी बीच आरोपी हंसराज भी थाने पहुंच गया और अनुपम दास के साथ ही घूमता रहा। उधर, रात में अस्पताल में भर्ती राहुल राय को होश आ गया। पूछताछ में उसने पूरी कहानी बता दी। इसके बाद पुलिस ने हंसराज को पकड़ लिया। पूछताछ में हंसराज ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

एडिशनल डीसीपी के अनुसार अनुपम दास और हंसराज प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। इसमें उन्हें घाटा हो गया था। इस बीच, हंसराज ने अनुपम दास को आर्थिक स्थिति के बारे में बताकर मदद मांगी। अनुपम ने उसे बताया कि राहुल राय के पिता यानी उसके जीजा भी बैंक में पदस्थ थे। जिनका निधन हो गया है। बहन के पास बहुत पैसा है। भांजे राहुल राय के नाम से भी डेढ़ करोड़ रुपए की एफडी है। इसके बाद दोनों ने राहुल के अपहरण की साजिश रच डाली। अनुपम ने हंसराज को कहा- राहुल का अपहरण कर लो। फिरौती में एक करोड़ रुपए मांगना। उसी ने कहा था कि बहन मुझसे ही मदद मांगेगी। पैसों की व्यवस्था हम बहन से कराएंगे। इससे दोनों का कर्ज चुक जाएगा। इसके बाद हंसराज ने अपने दोस्त आदित्य चौरसिया को भी इस वारदात में शामिल कर लिया।

पुलिस के अनुसार फिरौती मिलने के बाद अनुपम दास ने हंसराज और आदित्य के शहर छोड़कर भाग जाने की योजना बनाई थी। इसके पीछे मकसद था कि दोनों शहर में नहीं रहेंगे, तो पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाएगी। लेकिन, फिरौती की व्यवस्था नहीं हो सकी और हंसराज नहीं भाग सका।  इसी बीच पुलिस ने दोनों को दबोच लिया।

एडिशनल डीसीपी के अनुसार पुलिस की पूछताछ में आरोपी अनुपमदास ने बताया कि उसकी नजर बहन की संपत्ति पर थी। उसे पता चला था कि राहुल की पत्नी से अनबन चल रही है। वह अलग रह रही है। अनुपमदास को लगा कि राहुल के मरने के बाद बहन मुझे ही अपनी संपत्ति दे देगी, इसलिए उसने राहुल के अपहरण और हत्या की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक अनुपम दास मूलत: नर्मदापुरम (होशंगाबाद) का रहने वाला है। वह भांजे के अपहरण के लिए भोपाल आया था। जिस कार से राहुल को अगवा किया गया, वह आदित्य के भाई की है। वह घूमने की बात कहकर कार लेकर गया था। पुलिस ने वारदात में पयुक्त उक्त कार भी जब्त कर ली है और आगे की कार्रवाई कर रही है।

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