
MP के करन गौतम का अंतरराष्ट्रीय हॉकी में जलवा, जूनियर टीम से सीधे वर्ल्ड कप में एंट्री
उमरिया
छोटे से शहर उमरिया की गलियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय हॉकी के मैदान तक पहुंचने का सपना अब हकीकत बनने जा रहा है. ज्वालामुखी कॉलोनी निवासी 18 वर्षीय करन गौतम ने अपनी मेहनत लगन और शानदार खेल प्रदर्शन के दम पर ऐसा मुकाम हासिल किया है जिस पर पूरा जिला गर्व कर रहा है. करन का चयन भारतीय हॉकी जूनियर टीम के लिए हुआ है।
इजिप्ट में होने वाले जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप का बने हिस्सा
अब वह नवंबर माह में मिस्र (इजिप्ट) में आयोजित होने वाले जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा बनकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करेगा. उसकी इस उपलब्धि से उमरिया जिले में खुशी और उत्साह का माहौल है. खेल प्रेमियों, नगर वासियों और शुभचिंतकों ने करन को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
3 साल पहले हुआ था मध्य प्रदेश हॉकी टीम में चयन
करन गौतम शिक्षक अजय गौतम के पुत्र हैं. बचपन से ही हॉकी के प्रति रुचि रखने वाले करन ने अपना खेल कौशल और निरंतर अभ्यास के दम पर यह मुकाम हासिल किया है. करीब 3 वर्ष पूर्व उनका चयन मध्य प्रदेश हॉकी टीम के लिए हुआ था. प्रदेश की टीम में शामिल होने के बाद उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं और मुकाबले में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. मैदान पर उनके बेहतरीन खेल अनुशासन और लगातार बेहतर प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया।
तीन गोल्ड मेडल किये हासिल
मध्य प्रदेश टीम में शानदार प्रदर्शन के बाद करण को आगे बढ़ाने के अवसर मिले. सब जूनियर इंडिया कैंप चंडीगढ़ में भी उन्होंने अभ्यास और प्रतियोगिताओं के दौरान अपनी क्षमता साबित की. यहां आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले में उन्होंने जीत दर्ज करने वाली टीम के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और तीन गोल्ड मेडल हासिल किया. लगातार अच्छे प्रदर्शन का परिणाम रहा कि उन्होंने भारतीय हॉकी की जूनियर टीम में जगह मिली।
अब करन के सामने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा देखने का बड़ा अवसर है. नवंबर में मिस्र (इजिप्ट) में होने वाले जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप में भारतीय टीम की ओर से मैदान में उतारना उनके खेल जीवन का महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी. करण ने कहा कि, ''इस प्रतियोगिता में देश की ओर से खेलने किसी भी युवक खिलाड़ी के लिए गौरव की बात है.'' करन की सफलता ने जिले के उन युवाओं को भी नई प्रेरणा दी है जो सीमित संसाधनों के बीच खेल के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि, उमरिया जैसे जिले से निकलकर भारतीय टीम तक पहुंचना अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायक है।

















