
मुख्य सचिव बर्णवाल ने कहा- सभी विभाग संवेदनशीलता और समन्वय से निर्धारित अवधि में जनगणना संबंधी कार्य करें
नागरिकों को स्व-गणना के लिए जागरूक करने के लिए वातावरण बनाएं
कॉलेजों में छात्रों को विशेष रूप से प्रशिक्षित करने पर जोर
भोपाल
जनगणना-2027 से जुड़े सभी विभाग संवेदनशीलता और समन्वय से निर्धारित समय अवधि में कैलेंडर अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें जिससे भारत सरकार की मंशानुसार जनगणना के आवश्यक आँकड़े संकलित किए जा सके। मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल ने गुरूवार को मंत्रालय में भारत की जनगणना के लिए गठित मध्यप्रदेश राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह अपेक्षा की है। बैठक में जनगणना महानिदेशक श्री संजीव श्रीवास्तव सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।
मुख्य सचिव बर्णवाल ने इस बार की जनगणना को प्रथम डिजीटल जनगणना बताते हुए कहा कि ऐसे प्रयास हो कि अधिकतर नागरिक स्व-गणना में स्वंय ही अपनी जानकारी दर्ज कर सके। उन्होंने कहा कि शासकीय कर्मचारियों के लिए आइगॉट पर छोटा मॉडूयल बनाकर डाला जाए, महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को स्व-गणना पत्रक भरने के लिए ट्रेंड किया जाए और विभिन्न डिजिटल तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी स्व-गणना पत्रक भरने के छोटे-छोटे वीडियो अपलोड कर नागरिकों के बीच प्रसारित किए जाए। उन्होंने इस कार्य में प्राइवेट सेक्टर और सार्वजनिक उपक्रमों को भी जोड़ने की जरूरत बताई।
मुख्य सचिव श्री बर्णवाल ने निर्देश दिए कि जनगणना के विभिन्न चरणों के बारे में नागरिकों को जागरूक किया जाए और झांकी, रैलियों, कलापथक दलों, लोक कलाकारों, सोशल मीडिया, सिनेमा हॉल रेडियो टीवी सभी जगह व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने इस वृहद कार्य में लगभग 2 लाख प्रगणकों और पर्यपेक्षकों के अतिरिक्त अन्य प्रशासनिक अमलें की व्यवस्था शासकीय विभागों से ही करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस माह के 12 और 13 नवम्बर को जिलों से आने वाले मास्टरर्स ट्रेनर्स को पूरी गम्भीरता से प्रशिक्षण देने के साथ ही नवम्बर के तीसरे सप्ताह में कलेक्टर्स और नगर निगम आयुक्त का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सहित सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश दिए।
बैठक के प्रारंभ में निदेशक, जनगणना ने जनगणना-2027 की रूपरेखा, प्रारम्भिक तैयारियां, डिजिटल रोडमैप और संगठनात्मक ढांचा इत्यादि के बारे में विस्तृत रूप से अवगत कराया गया। बैठक में बताया गया कि भारत की जनगणना-2027, देश की प्रथम डिजिटल माध्यमों द्वारा जनगणना होगी जिसमें मोबाइल ऍप के माध्यम से डेटा संकलन किया जायेगा, साथ ही इस पूरे कार्य की मॉनिटरिंग एवं मैनेजमेंट वेब पोर्टल के माध्यम से की जायेगी। इस बार की जनगणना में स्व-गणना (Self-Enumeration) का प्रावधान भी किया गया है जिससे आम नागरिक अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
बैठक में बताया गया कि सैंपल के रूप में जिला सिवनी की कुरई तहसील के कुछ चयनित ग्रामों में तथा ग्वालियर जिले के नगर निगम ग्वालियर के चयनित वार्ड में जुलाई 2026 में सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। निदेशक जनगणना द्वारा पूर्व परीक्षण कार्य के अनुभवों को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मध्यप्रदेश में जनगणना-2027 का द्वितीय चरण यथा जनसंख्या की गणना जनवरी-फरवरी 2027 में सम्पादित किया जाएगा ।
मुख्य सचिव श्री बर्णवाल ने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिये कि वे जनगणना के इस द्वितीय चरण को ध्यान में रखकर वर्ष 2027 की परीक्षाओं का संचालन करें। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा सभी सम्बंधित विभागों को भी निर्देशित किया गया कि वे आपस में समन्वय करते हुए, जनगणना-2027 के लिए मानव संसाधन की उपलब्धता योजना को तैयार करें जिससे जनगणना का कार्य मध्यप्रदेश में सुचारू रूप से संपन्न हो सके।उन्होंने कहा कि जनगणना का कार्य पूर्ण होने तक प्रशासनिक सीमाओं में कोई परिवर्तन न किये जाएँ और यथासंभव जनवरी से मार्च 2027 के दौरान स्थानांतरण न किये जाएँ।
मुख्य सचिव श्री बर्णवाल ने सभी सम्बंधित विभागों को यह भी निर्देश दिये कि वे जनगणना-2027 के कार्य के समन्वय के लिए अपने अपने विभागों में एक नोडल अधिकारी नामित करें। जनसंपर्क विभाग को जन सामान्य में जनगणना के प्रति जागरूकता लाने के लिए व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश भी दिये गये।

















