
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का मुख्य समारोह 1 नवम्बर को
जिला स्तर पर भी आयोजित होंगे कार्यक्रम निर्देश जारी
भोपाल
'मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का मुख्य समारोह' भोपाल के लाल परेड ग्राउण्ड में भव्य स्तर पर एक नवम्बर सोमवार को मनाया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अवधारणा अनुसार इस बार स्थापना दिवस 3 दिवसीय होगा। समारोह का सभी जिलों में भी आयोजन होगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने आयोजन के संबंध में सभी कलेक्टर और कमिश्नर को निर्देश जारी किए हैं। मंचीय कार्यक्रम एवं सुगम संगीत के लिए प्रतिष्ठित कलाकार की प्रस्तुति एवं समापन भव्य आतिशबाजी से किया जायेगा। कार्यक्रम स्थल में 1 से 3 नवम्बर तक संस्कृति के विषयों के साथ कृषि एवं उससे जुड़े अनुषांगिक विषयों पर केन्द्रित प्रदर्शनी तीन दिवस के लिए आयोजित की जायेगी।
जिला स्तरीय कार्यक्रम
स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत जिला मुख्यालय पर विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में जिले के उत्कृष्ट कार्यों से संबंधित गौरवशाली व्यक्तित्वों एवं उपलब्धियों पर केंद्रित गतिविधियाँ, जिला उत्पादों का प्रदर्शन और उत्कृष्ट कार्यों से संबंधित प्रदर्शनी आयोजित की जायेगी। जिला कलेक्टर जिला स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को प्रभारी मंत्री परामर्श से अंतिम रूप देंगे।
शासकीय भवनों पर प्रकाश व्यवस्था
स्थापना दिवस पर शासकीय भवनों पर प्रकाश व्यवस्था 1 नवम्बर 2026 की रात्रि में जिला मुख्यालय स्थित प्रमुख शासकीय भवनों पर भी प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। राज्य शासन के समस्त प्रमुख भवनों पर प्रकाश व्यवस्था करने की जिम्मेदारी संबंधित कार्यालय प्रमुख की रहेगी।
व्यापक जनभागीदारी एवं आमंत्रण
समारोह में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, उद्योगपतियों, व्यवसायियों, समाजसेवियों, धर्मगुरुओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों, जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, मीसाबंदियों, शहीद सैनिकों के परिवारों और महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ अर्जित करने वाले स्व-सहायता समूहों एवं स्टार्टअप के पदाधिकारियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। समारोह में समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी।
समस्त कलेक्टर को निर्देश दिये गये हैं कि जिले में स्थापना दिवस समारोह की समस्त तैयारियां समय-सीमा में पूर्ण करते हुए कार्यक्रम का गरिमामय एवं सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित करें। आयोजन के संबंध में संबंधित विभागों के मध्य आवश्यक समन्वय स्थापित किया जाए और आयोजन में जिले की सांस्कृतिक विरासत, विशिष्ट उपलब्धियों एवं स्थानीय उत्पादों को समुचित स्थान प्रदान करते हुए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए।

















