इकोनॉमी
अर्थशास्त्र
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नए ऑर्डर में तेजी से PMI सुधरकर 55.4 पर: जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में हल्की रिकवरी
HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग PMI को S&P Global तैयार करता है। यह सर्वे करीब 400 मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के परचेजिंग मैनेजर्स से लिए गए जवाबों पर आधारित होता है। कंपनियों का चयन सेक्टर और कर्मचारियों की संख्या के आधार पर किया जाता है, ताकि GDP में उनके योगदान को सही तरह से दिखाया जा सके। जनवरी में भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों में हल्का सुधार देखा गया। यह सुधार नए ऑर्डर्स…
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समावेशी विकास के साथ अर्थव्यवस्था को धार, ₹12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत खर्च से दौड़ेगी इकोनॉमी : Budget 2026
बजट की बारीकियों पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करने के बाद वित्तीय सेवाओं के विभाग के सचिव एम नागराजू, दीपम सचिव अरुणीश चावला, आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर और राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव के साथ संवाददाताओं से बात की… बजट के पीछे के विचार पर सीतारमण: हम वृद्धि की गति बनाए रखने का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे रहे हैं।…
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बुनियादी ढांचे पर ₹12.21 लाख करोड़ का दांव, क्या रफ्तार पकड़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था? Budget 2026
बजट में रेल मंत्रालय के मद के तहत वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व व्यय के रूप में 2.92 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जबकि वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान में 2.65 लाख करोड़ रुपये का व्यय आंका गया है जो 10 प्रतिशत की वृद्धि है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग क्षेत्र के लिए भी यही कहानी है, जिसे इस वर्ष के बजट 2026-27 में 3.09 लाख करोड़ रुपये का…
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वित्त वर्ष 2027 में 7.2% तक जा सकती है भारत की GDP रफ्तार : Economic Survey में अनुमान
सर्वेक्षण में राजकोषीय सख्ती को कम करने के लिए बेहतर लक्ष्य, आवधिक समीक्षा और परिणाम-उन्मुख तरीकों की सिफारिश की गई। इसमें स्थायी खर्च वाली प्रतिबद्धताएं खड़ी करने के बजाय उत्पादक क्षमता विस्तार और आय वृद्धि वाली राजकोषीय नीति की बात कही गई है। समीक्षा में कहा गया है, 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें केंद्र-राज्य के राजकोषीय संबंधों को आकार देने, संसाधन हस्तांतरण की मात्रा और संरचना को प्रभावित करने और…
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‘अस्थिर’ और ‘कम मददगार’ वैश्विक माहौल से बढ़ेगी भारत की चुनौतियां : Economic Survey में बड़ी चेतावनी
पिछले पांच वर्षों में आधा दर्जन से अधिक देशों के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वैश्विक अनिश्चितता के बीच विश्वसनीय बाजार तक पहुंच देते हुए देश की व्यापार रणनीति का समर्थन करते हैं। ये समझौते निर्यात-केंद्रित कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में अधिक जुड़ने में सक्षम बनाते हैं और स्थानीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा से वाकिफ कराते हैं। गुरुवार को पेश आर्थिक समीक्षा में चेतावनी…
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सर्विस सेक्टर पर रहेगा भारत की वृद्धि का दारोमदार : Economic Survey 2026
वित्त वर्ष 23-25 के दौरान सेवा क्षेत्र की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में औसतन हिस्सेदारी 9.7 प्रतिशत थी जबकि यह महामारी से पहले के दौर में 7.4 प्रतिशत थी। आर्थिक समीक्षा के अनुसार, ‘नीतिगत अनिश्चितता और भू-राजनीतिक व्यवधानों के कारण वैश्विक वस्तु व्यापार में आई सुस्ती के बीच सेवा निर्यात ने महत्त्वपूर्ण सहारा प्रदान किया है। वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में यह भूमिका और भी मजबूत हुई है।…
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यूरोपीय बंदरगाहों पर माल जब्त; ऑर्डर रद्द: CBAM नियमों से संकट में छोटे स्टील निर्यातक
भारत 27 जनवरी को यूरोपीय संघ के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) में सीबीएएम पर कोई रियायत हासिल नहीं कर पाया। सीबीएएम यूरोपीय संघ का एक ऐसा उपाय है जिसके तहत वहां जाने वाले इस्पात, सीमेंट और एल्युमीनियम जैसे ज्यादा कार्बन खपत वाले सामान में मौजूद कार्बन पर ‘उचित कीमत’ लगाई जाती है। यह हर कैलेंडर वर्ष में 50 टन से ज्यादा आयात के लिए जरूरी है। भारत के…
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नई QNA सीरीज अगले महीने से लागू, आंकड़ों में आएगी सटीकता : GDP गणना में होगा ऐतिहासिक बदलाव
सांख्यिकी मंत्रालय ने शुक्रवार को एक चर्चा पत्र में बताया कि इन नए सोर्स से उन सेक्टरों के अनुमान बेहतर होंगे जहां पहले तेजी से बदलते आंकड़े उपलब्ध नहीं थे। साथ ही हर संस्थागत सेक्टर की डिटेल ज्यादा साफ-सुथरी आएगी। इससे अर्थव्यवस्था की तस्वीर ज्यादा साफ दिखेगी, खासकर छोटी-छोटी तिमाहियों में। भारत सरकार अगले महीने से नई तिमाही राष्ट्रीय लेखा (QNA) सीरीज शुरू करने वाली है। इसमें GDP के आंकड़ों…
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होगा ऐलान: ऐतिहासिक भारत-EU FTA और डिफेंस पैक्ट से बदलेगी दुनिया की अर्थव्यवस्था
भारत और यूरोपीय संघ 2004 से रणनीतिक साझेदार हैं, लेकिन अब इस रिश्ते को एक नई ऊंचाई देने की तैयारी है। इस शिखर सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ (FTA) यानी मुक्त व्यापार समझौता है। वॉन डेर लेयेन के मुताबिक, यह एक ‘ऐतिहासिक व्यापार समझौता’ है जो करीब 200 करोड़ लोगों का एक विशाल बाजार तैयार करेगा। यह बाजार दुनिया की कुल GDP का लगभग एक-चौथाई हिस्सा होगा।…
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India-EU FTA: दो दशक बाद भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर मुहर, 136 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को मिलेगी रफ्तार
यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी कहा कि यह समझौता करीब दो अरब लोगों का बाजार बनाएगा, जो वैश्विक GDP का लगभग एक-चौथाई हिस्सा होगा। उन्होंने दावोस में विश्व आर्थिक मंच के दौरान कहा, “यह समझौता यूरोप को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते और गतिशील क्षेत्रों में से एक के साथ पहले कदम का लाभ देगा। यूरोप आज के विकास केंद्रों और इस सदी की…
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भारत-EU के बीच FTA पर साइन, पीएम मोदी ने किया ऐलान: India-EU FTA
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन आज नई दिल्ली में होने वाले भारत–EU शिखर सम्मेलन में इस समझौते का संयुक्त रूप से ऐलान किया। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार 136.5 अरब डॉलर का रहा। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब दोनों पक्ष अमेरिका पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड…
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गणतंत्र सिर्फ एक शब्द नहीं है….
धरती और आसमान जितने अलग क्यों न हों, चाहे भाषाएँ बदल जाएँ, पहनावे बदल जाएँ, चाहे सोच की दिशा अलग हो, विचार टकराते हों, चाहे हिंदू हों या मुसलमान, सिख हों या चाहे गाँव का भारत हो या शहर का, चाहे उत्तर हो या दक्षिण, चाहे अमीर हो या गरीब—” यही विविधता हमारे भारत को एक रुपता से दर्शाती है— अलग-अलग संस्कृतियाँ, अलग-अलग लोग, लेकिन एक साथ खड़े और जब…
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कैपेक्स और रोजगार पर जोर, टैक्स कलेक्शन व विनिवेश बने रहेंगे चुनौती : Budget 2026
Budget 2026: वित्त वर्ष 2027 के लिए केंद्रीय बजट में पूंजीगत व्यय (capital expenditure), राजकोषीय अनुशासन (fiscal consolidation) और आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने वाले सुधारों (growth-supportive reforms) पर जोर बने रहने की संभावना है। भले ही सरकार कमजोर टैक्स कलेक्शन और सुस्त विनिवेश प्राप्तियों की चुनौती का सामना कर रही है। केयरएज रेटिंग्स ने अपनी एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को…
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स्टील इंडस्ट्री ने ग्रीन स्टील और कम-कार्बन तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए मांगी सहायता : Budget 2026
Budget 2026: भारतीय इस्पात संघ (ISA) ने अपनी बजट पूर्व मांगों में ग्रीन स्टील उत्पादन के लिए कबाड़ के उपयोग को प्रोत्साहित करने वाले उपायों की मांग की है। उद्योग निकाय ने सरकार से जीएसटी के तहत ‘रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म’ (RCM) को पूरी धातु कबाड़ सप्लाई चेन पर लागू करने का भी आग्रह किया है। इसका उद्देश्य कर चोरी रोकना, अनुपालन को सरल बनाना और कारोबार सुगमता में सुधार करना…
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27 जनवरी को हो सकता है बड़ा ऐलान: मुक्त व्यापार समझौते के करीब भारत और यूरोपीय यूनियन
यूरोपीय संघ के एक अधिकारी ने कहा कि वार्ता समाप्त होने के बाद दोनों पक्ष समझौते पर हस्ताक्षर करने की दिशा में बढ़ने से पहले अपनी आंतरिक अनुमोदन प्रक्रियाओं का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य दोनों तरफ से ‘शुल्क में पर्याप्त कमी’ करना है। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) इस समय प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर गहन बातचीत कर रहे हैं। इसमें पर्यावरण संरक्षण जैसे…
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आंकड़ों में आएगी सटीकता: GDP गणना में होगा ऐतिहासिक बदलाव: नई QNA सीरीज अगले महीने से लागू
सांख्यिकी मंत्रालय ने शुक्रवार को एक चर्चा पत्र में बताया कि इन नए सोर्स से उन सेक्टरों के अनुमान बेहतर होंगे जहां पहले तेजी से बदलते आंकड़े उपलब्ध नहीं थे। साथ ही हर संस्थागत सेक्टर की डिटेल ज्यादा साफ-सुथरी आएगी। इससे अर्थव्यवस्था की तस्वीर ज्यादा साफ दिखेगी, खासकर छोटी-छोटी तिमाहियों में। भारत सरकार अगले महीने से नई तिमाही राष्ट्रीय लेखा (QNA) सीरीज शुरू करने वाली है। इसमें GDP के आंकड़ों…
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अस्थिर होती को अब मजबूत साझेदारियां ही संभालेंगी: जयशंकर की चेतावनी
जयशंकर ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ईयू के सदस्य देशों के राजदूतों के साथ अपनी बैठक में उन्होंने ‘दुनिया की वर्तमान स्थिति के बारे में बात की जिसमें अस्थिरता अब एक आम बात हो गई है।’ विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने एक ऐसे मजबूत भारत-ईयू सहयोग पर जोर दिया जो लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं में सहयोग कर वैश्विक अर्थव्यवस्था को जोखिम से बचाएगा और मानवीय…
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जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूत:India manufacturing PMI
India manufacturing PMI in January: एचएसबीसी के मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजल भंडारी ने कहा: “एचएसबीसी फ्लैश पीएमआई के अनुसार, निर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों में वृद्धि की गति तेज़ हुई। हालांकि निर्माण पीएमआई में वृद्धि हुई, जनवरी का आंकड़ा 2025 के औसत से नीचे ही रहा। 2025 के अंत में कुछ गति खोने के बाद, नए ऑर्डर तेजी से बढ़े। खासकर घरेलू ऑर्डर में तेजी के कारण। इनपुट लागत का…
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रिपोर्ट में बड़ा संकेत: दुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के क्या हाल हैं?
टैरिफ, जियोपॉलिटिकल तनाव और ऊंची ब्याज दरों के बीच भी वैश्विक और भारतीय अर्थव्यवस्था संभली हुई, रिपोर्ट में महंगाई, ग्रोथ और RBI की भूमिका पर बड़ा संकेत Indian Economy: अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर सबको चौंकाया है। GDP ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रही है और टेक सेक्टर इसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। लेकिन तस्वीर का दूसरा हिस्सा उतना मजबूत नहीं है। रोजगार की रफ्तार थमी हुई है…
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जानिए रुपये पर क्या पड़ा असर: RBI ने नवंबर में क्यों घटाई डॉलर बिकवाली?
दिसंबर 2025 में भारतीय रुपये का रियल इफेक्टिव एक्सचेंज रेट (रीर) 95.30 रहा, जो नवंबर 2025 में 97.52 था। रीर विभिन्न मुद्राओं के उतार चढ़ाव की स्थिति में नॉमिनल इफेक्टिव एक्सचेंज रेट (नीर) के अंतर का समायोजन करता है। 100 से अधिक रीर वैल्यू से आधार वर्ष की तुलना में रुपये में तेजी का संकेत मिलता है। मासिक बुलेटिन के मुताबिक केंद्रीय बैंक ने नवंबर में 9.7 अरब डॉलर की…