लखनऊ/उत्तरप्रदेश

भाजपा ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल पर कसा शिकंजा, बेटों पर गैंगस्टर का मुकदमा …

सहारनपुर। पुलिस ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल, महमूद अली और एक डिप्टी कलेक्टर, दो रिटायर्ड कानूनगो समेत 14 के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमे में पूर्व एमएलसी और उनके बेटों को भी अभियुक्त बनाया गया है। इनमें से पांच को शनिवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जबकि, चार पहले से ही जेल में हैं।

बेहट थाने में कुछ समय पहले जमीन की धोखाधड़ी को लेकर एक मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें असंक्रमणीय भूमि को गलत तरीके से संक्रमणीय भूमि दर्शाकर ग्रामीणों के नाम पर पट्टे कर दिए गए थे। जिसके बाद जमीन को किसानों ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के नाम बैनामा कर दिया था। इस मामले में बेहट के पूर्व एसडीएम शीतल प्रसाद व पूर्व रजिस्ट्रार जनेश्वर प्रयाद व पूर्व राजस्व निरीक्षक बीरबल को भी अभियुक्त बनाया गया था। इस मामले में पुलिस ने कुछ अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

अब पुलिस ने अभियुक्तों का एक गैंग चार्ट तैयार किया है। इंस्पेक्टर बेहट की तहरीर पर थाना बेहट में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल को गैंग लीडर बनाया गया है। जबकि, उनके भाई पूर्व एमएलसी महमूद, बेटे आलीशान, वाजिद, जावेद, हाजी इकबाल की पत्नी फरीदा बेगम को गैंग का सदस्य बनाया गया है। इनके साथ ही बेहट के पूर्व एसडीएम शीतल प्रसाद, पूर्व रजिस्ट्रार कानूनगो जनेश्वर प्रसाद, पूर्व राजस्व निरीक्षक बीरबल समेत 14 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है। पूर्व एसडीएम शीतल प्रसाद अंबेडकर चौक धूमन गंज इलाहबाद निवासी है।

पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के सहयोगी रहे अधिवक्ता जीशान को अदालत से जमानत मिल गई है। विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए कोर्ट ने जिशान की जमानत याचिका को मंजूर किया।

बीते 27 अगस्त को पुलिस ने गैंगरेप के मामले में अधिवक्ता जिशान को जेल भेज दिया था। पुलिस ने पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल और उनके सहयोगियों के खिलाफ दर्ज गैंगरेप के मुकदमें मे अधिवक्ता को अभियुक्त बनाया था। जिसके बाद अधिवक्ताओं ने इसका विरोध किया था। बताया जा रहा है कि अधिवक्ता जिशान को अदालत से जमानत मिल गई है। इसके साथ ही मुकदमें में अभियुक्त पूर्व एमएलसी महमूद व अन्य को जमानत मिल गई है।

 

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