लखनऊ/उत्तरप्रदेश

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दूत से नहीं मिले आजम खान, डैमेज कंट्रोल का दांव फेल, जानिए क्या बताई वजह …

लखनऊ। समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का डैमेज कंट्रोल का दांव फेल हो गया। आजम से सीतापुर जेल में मिलने अखिलेश के दूत पहुंचे। एक घंटे तक सपा डेलिगेशन इंतजार करता रहा। सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा जेल के वेटिंग रूम में बैठे रहे है। प्रतिनिधिमंडल बार-बार  अनुरोध करता रहा पर आजम मिलने को तैयार नहीं हुए। आजम ने सपा प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिले। आजम ने कहा कि स्वास्थ्य कारणों से मैं नहीं मिलना चाहता।

आपको बता दूं कि सपा में एक फिर बिखराव होता दिख रहा है। चाचा शिवपाल की नाराजगी के बीच आजम की राहें भी सपा से जुदा होती दिख रही हैं। शिवपाल यादव ने शुक्रवार को जेल जाकर आजम खां से मुलाकात की और पहली बार अपने बड़े भाई मुलायम सिंह यादव पर ही निशाना साधा। शिवपाल के इस तरह के बदले रुख से सपा में भी बेचैनी है। अब लगता है कि उन्होंने अपने लिए अलग राह चुनना तय कर लिया है। पार्टी से तो वह नाममात्र के लिए ही हैं। परिवार में, सैफई में या यादव लैंड में उनकी भूमिका महत्वाकांक्षा से भरी होगी तो टकराव अभी और बढ़ेगा। क्योंकि अब भूमिका बदलेगी।

आजम खाने के लिए मुश्किल वक्त में किसने कितना साथ दिया, किसने अकेला छोड़ दिया। इन सब आरोपों पर सटीक जवाब खुद आजम खां ही दे सकते हैं। माना जा रहा है कि अब उन्हें जमानत मिल सकती है जब उनकी खामोशी टूटेगी। तब साफ होगा कि आजम खां के मीडिया प्रभारी व अन्य मुस्लिम नेताओं के आरोपों से वह खुद सहमत हैं या नहीं। मुलायम सिंह को रफीक-ए-मुल्क बताने वाले आजम खां की उनके बारे में अब भी वही सोच है या जेल में बिताए मुश्किल वक्त ने उन्हें बदल दिया है।

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