
वास्तु शास्त्र के अनुसार सही उपहार चुनने के नियम और सावधानियाँ
उपहार किसी व्यक्ति के प्रति अपना सम्मान या भावनाओं को व्यक्त करता है. कभी कभी किसी व्यक्ति का सहयोग करने के लिए उपहार दिया जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, उपहार देने में हमेशा सावधानी रखनी चाहिए क्योंकि गलत उपहार देने से संबंध खराब हो सकते हैं. सही उपहार से रिश्ते मजबूत होते हैं और स्वयं को भी लाभ होता है. वहीं, उपहारों की पैकिंग भी महत्वपूर्ण मानी जाती है खासतौर से पैकिंग पेपर रंग.
उपहार के लेन-देन में सावधानियां
– उपहार में नियमित प्रयोग की जाने वाली वस्तु देना शुभ होता है.
– वहीं, सजावटी चीजें कम से कम देनी चाहिए.
– श्रृंगार की सामग्री और सौंदर्य प्रसाधन उसी को दें जिससे रिश्ते करीबी हों.
– एक व्यक्ति का दिया हुआ उपहार दूसरे को नहीं देना चाहिए.
– प्रेम के मामले में कांच की वस्तुएं या ताजमहल उपहार में ना दें.
– इनके अलावा, जहां तक हो सके देवी-देवताओं की मूर्तियां उपहार में ना दें.
ये उपहार देना और लेना होता है बेहद शुभ (Good Luck Gifts)
चांदी की वस्तुएं- वास्तु और ज्योतिष में चांदी का संबंध चंद्रमा से है. चांदी का कोई सिक्का या बर्तन उपहार में देना या लेना समृद्धि और मानसिक शांति लाता है.
दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर- सात सफेद दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर या मूर्ति उपहार में देना बहुत शुभ माना जाता है. यह करियर और बिजनेस में तरक्की (Growth) का प्रतीक है.
मिट्टी के बर्तन या शोपीस- मिट्टी के बने सजावटी सामान उपहार में मिलने से अटका हुआ धन वापस आता है और घर में स्थिरता आती है.
लाफिंग बुद्धा या फेंगशुई आइटम्स- लाफिंग बुद्धा, खुशहाली और आर्थिक संपन्नता लाने वाला माना जाता है. इसे खुद खरीदने के बजाय उपहार में मिलना ज्यादा फलदायी होता है.
उद्देश्य के हिसाब से दें उपहार
– किसी वरिष्ठ या गुरुजन को कलम या पुस्तक का उपहार दें.
– प्रेम के मामले में सुगंध, सुंदर कपड़े या फूल दें.
– विवाह के अवसर पर वस्त्र, घर की चीजें या मिठाई जरूर दें.
– संतान प्राप्ति के अवसर पर चांदी की कोई छोटी सी चीज जरूर दें.
– पति-पत्नी के मामले में घड़ियों का उपहार सर्वोत्तम होता है.
– मित्रता के मामले में चॉकलेट या संगीत की कोई चीज दें.
– टूटे रिश्ते को जोड़ने के लिए सुगंधित मोमबत्ती और घड़ी दें.
















