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प्रधानमंत्री के अदम्य साहस और कड़े राजनीति फ़ैसलों ने असंभव को संभव बना दिया …

हरिहर रघुवंशी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसी नेता हैं जिन्होंने सबका साथ, सबका विकास और सबके विश्वास को आधार बनाकर न सिर्फ़ काम किया, बल्कि देश को एक सूत्र में पिरोने का भी काम किया।2014 के लोकसभा चुनावों में मोदी जी के करिश्माई व्यक्तित्व और आक्रामक प्रचार शैली के कारण भारतीय जनता पार्टी को 17 करोड़ से अधिक मत मिल सके। 2 सांसदों वाली पार्टी 303 सांसद तक पहुँचाने का गौरवशाली इतिहास मोदी जी के जज़्बे और परिश्रम के कारण ही रचा जा सका, लेकिन मोदी जी यहीं नहीं रुके और 2019 के चुनावों में उनकी रणनीति और सूझ-बूझ के कारण पार्टी को 22 करोड़ से ज़्यादा लोगों का समर्थन मिला जो दुनिया के कई देशों की आबादी से भी अधिक है।आज भारत की राजनीति में मोदी जी एकमात्र ऐसे जननायक हैं जिनकी एक आवाज़ पर पूरा देश खड़ा हो जाता है। क्योंकि उन्होंने देश के लोगों से सिर्फ़ राजनीतिक रिश्ता नहीं बनाया, बल्कि उनके सुख-दुख के भागीदार बन कर उनसे भावनात्मक संबंध भी स्थापित किया है। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक करके मोदी जी ने पूरी दुनिया को यह बता दिया कि यह नए युग का भारत है।यह महात्मा बुद्ध के रास्ते पर चलने वाला भारत ज़रूरत है, लेकिन देश के ख़िलाफ़ साज़िश रचने वालों के घर में घुसकर मुँह तोड़ जवाब देने वाला भी भारत है इसलिए आतंकवादियों से गठजोड़ कर साज़िश रचने वाले किसी भी देश को इस मुग़ालते में नहीं रहना चाहिए कि भारत अब अपनी सुरक्षा में सेंध लगाने वाले किसी भी देश को कभी माफ़ कर देगा।

देश में किसी ने कल्पना नहीं की थी कि अनुच्छेद 370 और धारा धारा 35 ए भी समाप्त हो सकती है, लेकिन 5 अगस्त 2019 को को मोदी जी की दृढ़ इच्छा शक्ति के कारण ऐसा संभव हो पाया। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का रास्ता परस्त होने और तीन तलाक़ समाप्त होने की कल्पना भी किसी ने नहीं की थी।लेकिन आज भव्य और दिव्य श्री राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है।तुष्टिकरण की राजनीति के चलते मुस्लिम महिलाओं को न्याय नहीं मिल रहा था,लेकिन मोदी जी की दृढ़ इच्छा शक्ति के चलते यह कुप्रथा समाप्त हो गई। क्या कभी किसी ने सोचा था कि कैबिनेट की पहली बैठक में काले धन के ख़िलाफ़ एसआईटी गठित हो जाएगी,  क्या कभी किसी ने सोचा था कि सरकार नोट बंदी जैसा कठिन क़दम उठा पाएगी।लेकिन मोदी जी के साहसिक राजनीतिक  फ़ैसले लेने की वजह से यह सब कुछ संभव हो पाया।सच्चे मायनों में अब एक निशान, एक विधान और एक संविधान देश में लागू हो सका है।

यह शायद बहुत कम लोग जानते होंगे कि नरेन्द्र मोदी राजनीतिक कार्यकर्ता के साथ-साथ एक संवेदनशील लेखक और सामाजिक चिंतक भी हैं।उन्होंने बचपन में ही समाज में फैले भेदभाव को उजागर करने के लिए ‘पीला फूल’ नामक नाटक लिखा था। गुजराती काव्य संग्रह ‘आँख आ धन्य छे’ के साथ ही ‘साक्षी भाव’ व ‘सामाजिक समरसता’ जैसी पुस्तकों का उन्होंने लेखन भी किया है।प्रधानमंत्री रहते हुए अपने विद्यार्थी मित्रों को परीक्षा में तनाव को कम करने के लिए एग्ज़ाम वारियर्स पुस्तक में उन्होंने अपनी लेखनी से सामाजिक जीवन के हर पहलू और हर क्षेत्र को समाहित किया है।

नरेन्द्र मोदी का करिश्माई व्यक्तित्व, ईमानदार छवि, दूरदृष्टि और धैर्यशीलता के कारण ही भारतीय राजनीति में परिवार वाद, जातिवाद, तुष्टीकरण के साथ-साथ देश को वीआईपी कल्चर से भी मुक्ति मिल सकी। मोदी जी के कुशल नेतृत्व के कारण ही कोरोना जैसी महामारी में उनके एक आवाहन मात्र से समृद्ध लोगों ने अपनी सब्सिडी छोड़ दी और पीएम केयर फंड को आर्थिक रूप से समृद्ध बना दिया। मोदी जी की दृढ़ इच्छा शक्ति और सूझ-बूझ के कारण भारत कोरोना की महामारी से उबर पाया और देश में ही न सिर्फ़ देशी वैक्सीन का निर्माण शुरू कर दिया, बल्कि भारत ने एक दिन में ढाई करोड़ वैक्सीन लगाकर विश्व रिकॉर्ड भी क़ायम कर दिया।

मोदी जी ने पहली बार नारी सशक्तिकरण की दिशा में दृढ़ इच्छा शक्ति दिखाते हुए जहाँ एक ओर बच्चियों को बचाने और उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी पहल की।वहीं दूसरी तरफ़ उज्जवला योजना, दिशा योजना और शौचालय घर बनवा कर नारी के मान सम्मान को बचाने का काम किया।देश का यह दुर्भाग्य ही कहेंगे कि आज़ादी के 74 साल बीत जाने के बाद भी महिलाओं को मूलभूत सुविधाएँ भी पूर्ववर्ती सरकारें नहीं दे सकी थीं।अब तक किसान मुश्किल परिस्थितियों से गुज़र कर भी देश का पेट भरता रहा है, लेकिन कम उपज, उपज की कम क़ीमत, खेतों की बिगड़ती सेहत,भंडारण की कमी और फसलों की बरबादी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी जी ने बीज से बाज़ार तक के पूरे फ़सल चक्कर पर अपना ध्यान केंद्रित कर दिया।2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए मोदी जी के दृढ़ संकल्प के चलते ही सरकार ने फ़सल बीमा योजना, गुणवत्ता वाले बीजों की ख़रीदारी, नीम कोटेड यूरिया की व्यवस्था करना, उर्वरकों पर सब्सिडी देना और पीएम किसान योजना लागू करके देश में पहली बार 12 करोड़ किसानों के खाते में प्रति वर्ष 6 हज़ार रुपये सीधे डालने का काम किया।देश के 55 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत पाँच लाख रुपया का मुफ़्त इलाज दिया जा रहा है। मामूली प्रीमियम पर जीवन बीमा और दुर्घटना बीमा की सुविधा भी लोगों को मिल रही है।जीएसटी लागू करके मोदी जी ने एक राष्ट्र, एक कर और एक बाज़ार का सपना पूरा कर दिया। वन रैंक, वन पेंशन का मुद्दा पिछले 40 बरसों से लंबित पड़ा था, लेकिन मोदी जी के निर्णायक नेतृत्व ने पूर्व सैनिकों की इस माँग को पूरा करके उन्हें सम्मान दिया।बापू के सपने को पूरा करने के लिए मोदी जी ने स्वयं हाथों में झाड़ू उठाकर स्वच्छ भारत का आवाहन किया और 2 अक्टूबर 2014 को इसे राष्ट्रीय अभियान के रूप में लॉन्च कर किया।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की प्रधानमंत्री की पहल को संयुक्त राष्ट्र संघ में 177 देशों ने इसे खुले मन से स्वीकार कर लिया और 21 जून को ख़ुद प्रधानमंत्री देश वासियों के साथ योगा करते हैं।गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के गांधी जी के विचारों को साकार करने के लिए मोदी जी ने ग्राम उदय से भारत उदय योजना को लेकर देश व्यापी आंदोलन शुरू किया।ग्राम स्वराज अभियान भी विकास के लाभ को गांवों तक ले जाने पर ही केंद्रित है।आज़ादी के दशकों बाद अंधेरे में डूबे गाँवों को 1000 दिनों के भीतर बिजली पहुँचाने का ऐतिहासिक काम भी मोदी जी के ही नाम है।

गुजरात में पहली बार राज्य में इन्वेस्टर्स समिट करने वाले नरेंद्र मोदी 2001 में मुख्यमंत्री बनने के बाद जब अपनी माँ से आशीर्वाद लेने पहुंचे तो उनकी माँ ने कहा कि ‘मुझे नहीं मालूम कि मुख्यमंत्री क्या करता है, लेकिन मुझसे वादा करो कि तुम कभी रिश्वत नहीं लोगे, यह पॉप कभी नहीं करोगे’। मोदी जी ने अपनी माँ को कभी निराश नहीं किया और उन्होंने कहा कि ‘न तो मैं रिश्वत लूँगा और न ही मैं दूसरों को ऐसा करने दूँगा’। यानी ‘न खाऊंगा और न ही खाने दूँगा’।मोदी जी टेक्नोलॉजी को समाज के आख़री छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुँचाने को आर्थिक और सामाजिक समानता की दिशा में एक उपकरण मानते हैं। आधार को डिजिटल इंडिया की नींव पर बनाया गया जिससे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का उपयोग करके सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार को ख़त्म किया जा सके। भारत में पहली बार शिक्षण संस्थानों को प्रतिस्पर्धी बनाने की मुहिम मोदी जी ने छेड़ी।स्किल डेवलपमेंट के लिए एक मंत्रालय बनाने के साथ देश भर में कौशल विकास केन्द्र खोले गए।अब सहकारिता मंत्रालय खोल कर देश की प्रगति में एक और मील का पत्थर गाड़ दिया।देश में पहली बार स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर उन लोगों को धन राशि मुहैया कराई गई जो ख़ुद रोज़गार की तलाश कर रहे थे।लेकिन अब वे रोज़गार माँगने की जगह रोज़गार देने की स्थिति में हो गए हैं।मोदी जी की जन धन योजना देश के लिए किसी क्रान्ति से कम नहीं थी।

मोदी जी मन की बात के माध्यम से ग़ैर राजनैतिक विषयों पर पूरे देश के सभी तबके से हर माह चर्चा करते हैं और ख़ुद को हर वर्ग से जोड़ने का प्रयास भी करते हैं जो देश में पहली बार हो रहा है।समाज सुधारक और महान योद्धा की उनकी यही भूमिका उन्हें पूरी दुनिया में सबसे अलग पहचान दिलाती है।यही वजह है कि दुनिया के क़रीब दो दर्जन देशों ने मोदी जी को अपने यहाँ का सर्वश्रेष्ठ सम्मान देकर भारत के गौरव को बढ़ाया है और दुनिया के सबसे ताकतवर लोगों में उनकी गिनती की जाती है।

 

 

लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं भाजपा दिल्ली प्रदेश के मीडिया सह-प्रमुख हैं।

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