
यूपी की प्रशासनिक दक्षता को मिली मान्यता, मिशन कर्मयोगी में दूसरे स्थान पर रहा राज्य
प्रशासनिक दक्षता में यूपी को बड़ी उपलब्धि, मिशन कर्मयोगी में बड़े राज्यों में यूपी को दूसरा पुरस्कार
केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों व यूटी के बीच असाधारण प्रदर्शन किया यूपी ने
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से तैयार हुआ कर्मयोगी कार्यबल
नई दिल्ली/लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश को सभी केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच असाधारण प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्राप्त हुआ है। इसके अलावा प्रदेश ने मिशन कर्मयोगी के तहत ‘साधना सप्ताह’ के दौरान 5 लाख से अधिक कर्मचारियों वाले प्रदेशों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में दूसरा पुरस्कार हासिल किया है।
नई दिल्ली में एक प्रतिष्ठित समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री (कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन) डॉ. जितेंद्र सिंह ने उत्तर प्रदेश के इस शानदार प्रदर्शन के लिए एम. देवराज, प्रमुख सचिव (नियुक्ति एवं कार्मिक) उत्तर प्रदेश को सम्मानित किया। यह उपलब्धि सशक्त, कुशल और भविष्य के लिए तैयार उत्तर प्रदेश के निर्माण में मिशन कर्मयोगी की ठोस भूमिका का प्रमाण है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस विजन को भी दर्शाती है, जिसके तहत राज्य में नागरिक-केंद्रित, भविष्य के लिए तैयार और डिजिटली सशक्त ‘कर्मयोगी’ कार्यबल तैयार किया गया है।
उत्तर प्रदेश को मिली इस सफलता के पैमाने भी ऐतिहासिक हैं। iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर 21.5 लाख से अधिक कर्मचारियों को जोड़ा गया। इसके साथ ही राज्य में रिकॉर्ड 1.25 करोड़ कोर्स पूरे किए गए, जो सभी केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे अधिक हैं। कौशल विकास के क्षेत्र में भी योगी सरकार के खाते में जबरदस्त उपलब्धि दर्ज की गई। राज्य ने 10 लाख एआई दक्ष बैज और 16,000 कर्मयोगी उत्कर्ष बैज अर्जित किए, जो यूपी में भविष्य के लिए तैयार कार्यबल को दर्शाते हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश ने क्षमता निर्माण में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर फ्रंटलाइन कर्मचारियों (समूह सी एवं डी) तक, शासन में हर स्तर पर भागीदारी सुनिश्चित की।














