छत्तीसगढ़

गरीब देश बने अमीर, भारत भी रेस में आगे: 30 साल में पलट गई दुनिया की तस्वीर

वर्ल्ड बैंक देशों को उनकी प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय यानी GNI के आधार पर चार वर्गों में बांटता है। रिपोर्ट के अनुसार, 1990 में दुनिया के कुल 218 देशों में से 51 देश कम आय वाले थे, जबकि हाई इनकम वाले देशों की संख्या सिर्फ 39 थी। 2024 तक आते-आते यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई।

SBI रिसर्च की रिपोर्ट बताती है कि 1990 के बाद कई देश कम आय से निकलकर मध्यम और उच्च आय की श्रेणी में पहुंचे हैं और अब भारत भी तेजी से उसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

World’s Richest Countries: दुनिया की आर्थिक तस्वीर पिछले तीन दशकों में तेजी से बदली है। जो देश कभी गरीबी की श्रेणी में गिने जाते थे, वे आज मध्यम और हाई इनकम वाले देशों की कतार में खड़े हैं। वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों पर आधारित SBI रिसर्च की रिपोर्ट बताती है कि 1990 से 2024 के बीच बड़ी संख्या में देशों ने आय की सीढ़ी पर ऊपर की छलांग लगाई है, और भारत भी अब उसी रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

देश की हालत 1990 में देश 2024 में देश
गरीब देश 51 26
थोड़ा बेहतर देश 56 50
अच्छे मध्यम देश 29 54
अमीर देश 39 87
जानकारी नहीं 43 1

अब कम आय वाले देशों की संख्या घटकर 26 रह गई है, जबकि हाई इनकम वाले देशों की संख्या बढ़कर 87 हो गई है। यह साफ संकेत है कि दुनिया के कई देशों ने आर्थिक रूप से लंबी छलांग लगाई है।

रिपोर्ट में उन 48 देशों का विश्लेषण किया गया है जो 1990 में कम या मध्यम आय वाले थे और बाद में ऊंची श्रेणी में पहुंचे। इनमें सबसे शानदार प्रदर्शन दक्षिण अमेरिकी देश गयाना का रहा। 1990 में गयाना एक कम आय वाला देश था, जहां प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 390 डॉलर थी। 2024 में यह देश हाई इनकम की श्रेणी में पहुंच चुका है और इसकी प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 20,140 डॉलर हो गई है, यानी 34 साल में 51 गुना से ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है।

एशिया के कई देशों ने भी इस दौरान खुद को बदला है। 1990 में चीन की प्रति व्यक्ति आय मात्र 330 डॉलर थी और वह कम आय वाला देश था। आज चीन उच्च-मध्यम आय वाले देशों की श्रेणी में शामिल है। इसी तरह इंडोनेशिया ने भी कम आय वाले देश से निकलकर उच्च-मध्यम आय वाले देश का दर्जा हासिल कर लिया है।

1990 से 2024 तक देशों की आय में बदलाव

देश 1990 में हालत 2024 में हालत
गुयाना गरीब / निम्न-मध्यम अमीर देश
चीन गरीब ऊपरी-मध्यम
इंडोनेशिया गरीब ऊपरी-मध्यम
भारत गरीब निम्न-मध्यम
मलेशिया निम्न-मध्यम ऊपरी-मध्यम
ब्राज़ील निम्न-मध्यम ऊपरी-मध्यम
तुर्की निम्न-मध्यम ऊपरी-मध्यम
मेक्सिको निम्न-मध्यम ऊपरी-मध्यम
उरुग्वे ऊपरी-मध्यम अमीर
हंगरी ऊपरी-मध्यम अमीर
रूस ऊपरी-मध्यम अमीर

 

भारत की कहानी थोड़ी लंबी जरूर रही, लेकिन इसकी दिशा अब पूरी तरह बदल चुकी है। भारत को कम आय वाले देश से निम्न-मध्यम आय वाले देश बनने में लगभग 60 साल लगे। 1962 में भारत की प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 90 डॉलर थी, जो 2007 में बढ़कर 910 डॉलर हुई। इस पूरे दौर में भारत की प्रति व्यक्ति आय सालाना औसतन 5.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी।

आजादी के बाद भारत को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में 60 साल लगे। लेकिन इसके बाद रफ्तार तेज होती चली गई। भारत ने सिर्फ 7 साल में 2 ट्रिलियन डॉलर, फिर अगले 7 साल में 3 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार किया। इसके बाद महज 4 साल में 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन गई और अब करीब 2 साल में 5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

भारत की प्रति व्यक्ति आय में भी यही तेजी दिख रही है। 1000 डॉलर प्रति व्यक्ति आय तक पहुंचने में भारत को 62 साल लगे, लेकिन 2000 डॉलर तक पहुंचने में सिर्फ 10 साल लगे। रिपोर्ट के अनुसार 2026 तक भारत 3000 डॉलर और 2030 तक करीब 4000 डॉलर प्रति व्यक्ति आय तक पहुंच सकता है। ऐसा होते ही भारत उच्च-मध्यम आय वाले देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा, जहां आज चीन और इंडोनेशिया हैं।

SBI रिसर्च के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत की आर्थिक वृद्धि दर दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते देशों में रही है। लंबी अवधि में देखें तो भारत अब वैश्विक विकास दर की लिस्ट में ऊपर की श्रेणी में पहुंच चुका है, जिससे उसकी वैश्विक आर्थिक हैसियत मजबूत हुई है।

भारत की GDP कैसे बढ़ी (डॉलर में)

साल भारत की GDP (ट्रिलियन डॉलर में) कितने साल लगे
1960 के आसपास 0.1
2007 1 ट्रिलियन 60 साल
2014 2 ट्रिलियन 7 साल
2021 3 ट्रिलियन 7 साल
2025 4 ट्रिलियन 4 साल
2027 (अनुमान) 5 ट्रिलियन 2 साल
2030 (अनुमान) 7 ट्रिलियन 3 साल
2031–32 (अनुमान) 8 ट्रिलियन 1 साल
2047 (अनुमान) 30–35 ट्रिलियन

 

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर 2047 तक हाई इनकम वाले देश की सीमा 13,936 डॉलर पर रहती है, तो भारत को प्रति व्यक्ति आय में सालाना 7.5 प्रतिशत की वृद्धि करनी होगी। यह लक्ष्य मुश्किल नहीं दिखता, क्योंकि पिछले 23 सालों में भारत की प्रति व्यक्ति आय सालाना 8.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। हालांकि, अगर यह सीमा बढ़कर 18,000 डॉलर हो जाती है, तो भारत को करीब 8.9 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हासिल करनी होगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, आबादी में औसतन 0.6 प्रतिशत वृद्धि और लगभग 2 प्रतिशत की वैश्विक महंगाई को ध्यान में रखें तो भारत को डॉलर के हिसाब से अपनी GDP में करीब 11.5 प्रतिशत सालाना वृद्धि करनी होगी। इसके लिए जरूरी है कि भारत आर्थिक सुधारों की रफ्तार बनाए रखे।

SBI रिसर्च का मानना है कि भारत का उच्च-मध्यम आय वाले देश बनना अब तय है और हाई इनकम वाले देश बनने का सपना भी असंभव नहीं है। अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा, चीन दूसरे स्थान पर रहेगा और भारत आने वाले सालों में जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है।

भारत में प्रति व्यक्ति आय कैसे बढ़ी (डॉलर में)

साल एक आदमी की कमाई देश की हालत
1962 90 बहुत गरीब
1970 100 बहुत गरीब
1980 210 गरीब
1990 300 गरीब
2000 510 गरीब
2007 910 निम्न-मध्यम आय देश
2010 1,110 निम्न-मध्यम
2013 1,500 निम्न-मध्यम
2016 1,900 निम्न-मध्यम
2019 2,100 निम्न-मध्यम
2021 2,390 निम्न-मध्यम
2024 2,650 निम्न-मध्यम
2026 (अनुमान) 3,000 ऊपरी-मध्यम की ओर
2030 (अनुमान) 4,000 ऊपरी-मध्यम
2035 (अनुमान) 5,000 ऊपरी-मध्यम
2047 (अनुमान) 13,925 अमीर देश
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