
मध्य प्रदेश में कमजोर पड़ा मानसून, ज्यादातर इलाकों में मौसम साफ; जबलपुर-दमोह समेत कई जिलों में बौछारें
भोपाल
प्रदेश में वेदर सिस्टम कमजोर पड़ने के साथ मानसूनी वर्षा का दौर धीमा पड़ गया है। सोमवार को प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मौसम साफ रहा। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक श्योपुर में 21 और शिवपुरी में 18 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं नर्मदापुरम में 13.1, खरगोन में 10.8, इंदौर में 7.2 और राजगढ़ में 7 मिमी पानी गिरा। राजधानी भोपाल सहित बाकी जिलों में हल्की बूंदाबांदी के बाद धूप खिल गई।
यहां पड़ सकती हैं बौछारें
मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को दमोह, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, पन्ना, कटनी सागर, नर्मदापुरम व जबलपुर जैसे जिलों में मामूली बारिश हो सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं, लेकिन विदाई से पहले प्रदेश में वर्षा का एक और दौर देखने को मिलेगा।
ये वेदर सिस्टम सक्रिय
वर्तमान में राजस्थान-गुजरात सीमा पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही मुख्य मानसून ट्रफ राजगढ़ व दमोह से और अरब सागर से झारखंड तक फैली दूसरी ट्रफ लाइन भी प्रदेश के ऊपर से गुजर रही है। इन सक्रिय वेदर सिस्टम के चलते अगले 48 से 72 घंटों के दौरान भोपाल, सीहोर, राजगढ़, उज्जैन और चंबल-ग्वालियर संभाग सहित राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक की स्थिति बनी रहने का अनुमान है।
मानसूनी सीजन को अब 15 दिन बाकी बचे हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में 88% बारिश ही हुई है। इंदौर, उज्जैन-जबलपुर समेत 37 जिलों में कोटा फुल नहीं हुआ है।भोपाल, ग्वालियर सहित 18 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया। आलीराजपुर में तो कोटे की आधी बारिश भी नहीं हुई, जबकि निवाड़ी में 49% पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश में बारिश का सिस्टम आज से और कमजोर हो गया है।
IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के मुताबिक अगले 4 दिन तक प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश का अनुमान नहीं है।
बता दें कि प्रदेश के पश्चिमी हिस्से यानी- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में पिछले चार दिन से भारी बारिश का दौर चल रहा था।
सोमवार को भी कुछ जिलों में तेज बारिश रिकॉर्ड की गई, लेकिन मंगलवार से सिस्टम कमजोर हो जाएगा। इस वजह से 15 से 17 सितंबर तक प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा।
पूर्वी हिस्से में रिकॉर्ड बारिश, लेकिन पश्चिम पिछड़ा
मौसम विभाग के अनुसार, इस बार प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में रिकॉर्ड बारिश हुई। सागर के निवाड़ी में कोटे से 49%, मऊगंज में 44%, सतना में 34%, मैहर में 29% पानी ज्यादा गिर गया।
यदि इंच के हिसाब से बात करें तो मऊगंज में सबसे ज्यादा 54.9 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। सतना में 50 इंच से ज्यादा पानी गिरा। दूसरी ओर, इंदौर संभाग के आलीराजपुर में सिर्फ 16 इंच पानी ही गिरा है।
आज से और कमजोर होगा सिस्टम
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया, 15 सितंबर से प्रदेश में बारिश की तीव्रता और प्रसार में धीरे-धीरे कमी आने का पूर्वानुमान है। सात दिन के पूर्वानुमान में पश्चिमी मध्य प्रदेश में कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होने की संभावना है।
अब तक 32.8 इंच बारिश, 23 जिलों में ज्यादा
IMD (मौसम केंद्र) की माने तो प्रदेश में अब तक 834.4 मिमी यानी, 32.8 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 34.9 इंच (886.6 मिमी) की तुलना में 2.1 इंच कम है।
वहीं, ओवरऑल 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 1% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 11% बारिश कम हुई है।

















