नई दिल्ली

निर्विरोध चुनी जाएंगी द्रौपदी मुर्मू, समर्थन के लिए सोनिया, ममता और शरद से की बात …

नई दिल्ली। मालूम हो कि मुर्मू ने आज ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। प्रधानमंत्री मोदी ने संसद भवन परिसर स्थित राज्यसभा महासचिव के कार्यालय में निर्वाचन अधिकारी पी.सी. मोदी को मुर्मू के नामांकन पत्र सौंपे। मुर्मू के साथ नामांकन दाखिल करने के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह, राजनाथ सिंह, जे.पी. नड्डा, कई राज्यों के मुख्यमंत्री और सहयोगी दलों के नेता मौजूद थे।

एनडीए की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से बात की है। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में उनकी उम्मीदवारी के लिए विपक्षी नेताओं से समर्थन मांगा। इन नेताओं ने उन्हें किस तरह का आश्वासन दिया, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। हालांकि, इस बीच यह चर्चा हो शुरू हो गई है कि क्या द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति पद के लिए निर्विरोध ही चुन ली जाएंगी।

भाजपा नेताओं के अलावा वाईएसआर कांग्रेस के विजयसाई रेड्डी, ओड़िशा की बीजू जनता दल सरकार के दो मंत्री और उसके नेता सस्मित पात्रा, अन्नाद्रमुक नेता ओ. पनीरसेल्वम और थम्बी दुरई व जनता दल  (यूनाईटेड) के राजीव रंजन सिंह भी मौजूद थे। राष्ट्रपति पद के नामांकन के लिए प्रत्येक सेट में निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच से 50 प्रस्तावक और 50 अनुमोदक होने चाहिए। चुनाव जीतने पर मुर्मू देश की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी।

संथाल जनजाति समुदाय से आने वालीं द्रौपदी मुर्मू को सादगी और संघर्ष की जिंदगी के लिए जाना जाता है। 2009 के बाद से अपने पति और दो बेटों समेत कई परिजनों को खोने वालीं द्रौपदी मुर्मू ने कठिन संघर्ष के बीच अपनी बेटियों की परवरिश की थी। ओडिशा के मयूरभंज जिले में जन्मीं द्रौपदी मुर्मू यदि चुनाव में जीत हासिल करती हैं तो वह देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति होंगी। नामांकन दाखिल करने से पहले द्रौपदी मुर्मू ने अमित शाह, जेपी नड्डा समेत कई नेताओं से मुलाकात की।

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