
धार भोजशाला विवाद: हाईकोर्ट में आज अहम सुनवाई, खसरा नंबर 612 पर हो रही नमाज पर भी नजर
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भोजशाला विवाद में मुस्लिम पक्ष की ओर से दायर पांच याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में 29 अक्टूबर को सुनवाई प्रस्तावित है। याचिकाएं मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ के 15 मई 2026 के फैसले के खिलाफ दायर की गई हैं।
हाईकोर्ट ने भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर मानते हुए हिंदू समाज को रोज पूजा-अर्चना का अधिकार दिया था। सुप्रीम कोर्ट में इससे पहले कई बार सुनवाई टल चुकी है। ऐसे में अब कोर्ट की कार्यवाही और आगे के निर्देशों पर नजर रहेगी।
जुमे की नमाज के लिए तय हुई जगह सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को अंतरिम निर्देश देकर राज्य सरकार को मुस्लिम समाज के लिए शुक्रवार को जुमे की नमाज की वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा था।
प्रशासन ने शुरुआत में चालीस पीर दरगाह के पास खाली जमीन तय की, लेकिन मुस्लिम पक्ष ने भोजशाला से दूरी होने के कारण आपत्ति जताई।
इसके बाद भोजशाला के पिछले हिस्से में दाईं ओर स्थित खसरा नंबर 612 की जमीन पर नमाज की व्यवस्था की गई।
तब से मुस्लिम समाज के लोग इसी जगह जुमे की नमाज अदा कर रहे हैं। नमाज के दौरान प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था करता है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने धार स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला परिसर को राजा भोज के समय का वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर माना है। कोर्ट ने हिंदू पक्ष को यहां पूजा का अधिकार दे दिया है।

















