
राजस्थान में ओलावृष्टि से तबाही, ई-गिरदावरी ऐप से नुकसान दर्ज करने की सुविधा
जयपुर
राजस्थान में बीते दिनों बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और किसानों को मुआवजा देने की तैयारी की जा रही है। राजस्थान के नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने शनिवार को यह जानकारी दी।
खर्रा के मुताबिक फसलों को हुए नुकसान के लिए गिरदावरी की प्रक्रिया जारी है और किसान खुद भी मोबाइल एप (ई-गिरदावरी) के जरिए अपनी-अपनी फसलों को हुए नुकसान की डिटेल को अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘फसल के नुकसान का आकलन दो तरीके से किया जा रहा है।सरकारी स्तर पर गिरदावरी की जा रही है, और किसान मोबाइल एप का इस्तेमाल करके अपने खेतों से नुकसान की डिटेल भी अपलोड कर सकते हैं।’
कांग्रेस पर भी कसा तंज
वहीं पिछली कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने आगे कहा, ‘एक समय था जब मुआवजा तभी दिया जाता था जब नुकसान 50% से ज्यादा हो। अब, किसान 33% नुकसान पर भी इसके पात्र हैं, और मुआवजे की राशि में भी बढ़ोतरी की गई है।’
कई जिलों में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान
आपको बता दें कि मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। विशेषकर खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसी आशंका जताई गई है कि इस दौरान गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों को भी खासा नुकसान पहुंचा है। बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया था।
मुख्यमंत्री ने किया है उचित मदद का वादा
बीते महीने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभी जिला क्लेक्टर को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे करवाने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। सीएम ने इस दौरान कहा कि किसानों का दर्द उनकी सरकार का ही दर्द है। उन्होंने कहा है कि सभी पीड़ित किसानों को उचित मदद दी जाएगी।














