लखनऊ/उत्तरप्रदेश

दिल्ली को मिली मेगा टनल परियोजना, यूपी में बनेगा नया हाईवे; जानिए कैबिनेट की अहम मंजूरियां

नई दिल्ली
 पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर बड़े फैसले हुए हैं. सरकार ने कुल 14,115 करोड़ रुपये के दो प्रमुख हाईवे और टनल प्रोजेक्ट्स पर मुहर लगा दी है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ब्रीफिंग के दौरान इन अहम प्रोजेक्ट्स की पूरी डिटेल शेयर की. दिल्ली में लंबे समय से भयंकर जाम से जूझ रहे लाखों लोगों के लिए यह एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. सरकार ने दिल्ली के अंदर 6 लेन वाले आधुनिक द्वारका टनल के निर्माण को अपनी मंजूरी दे दी है. इस बड़े प्रोजेक्ट पर कुल 6,970 करोड़ रुपये का भारी-भरकम खर्च आएगा. इसके अलावा उत्तर प्रदेश राज्य को भी विकास का एक बड़ा तोहफा मिला है. यूपी में कानपुर से कबरई तक एक बिल्कुल नया 4 लेन हाईवे बनाया जाएगा. इस एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे प्रोजेक्ट की कुल लागत 7,145 करोड़ रुपये तय की गई है. अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘ये फैसले देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई दिशा देंगे’. दोनों प्रोजेक्ट्स को मिलाकर सरकार कुल 14,115 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। 

क्या है दिल्ली के द्वारका टनल प्रोजेक्ट की पूरी डिटेल और खासियत?

    दिल्ली के इस नए प्रोजेक्ट के तहत नेशनल हाईवे 148AE पर 6 लेन का टनल बनाया जाएगा. यह शिवमूर्ति इंटरचेंज को वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ेगा. शिवमूर्ति इंटरचेंज द्वारका एक्सप्रेसवे (NH-248 BB) का एक बहुत अहम हिस्सा है. इस टनल के बनने से वेस्ट और साउथ दिल्ली के बीच सफर काफी तेज हो जाएगा। 

    इस पूरे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 8.1 किलोमीटर होगी. सबसे खास बात यह है कि इसमें से 3.1 किलोमीटर लंबा टनल साउदर्न रिज फॉरेस्ट के नीचे से गुजरेगा। 

    सरकार ने इस मेगा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 5 साल का समय तय किया है. इसका सीधा मतलब है कि दिल्लीवासियों को अगले कुछ सालों में जाम से बड़ी राहत मिल जाएगी. यह एक आधुनिक ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट प्रोजेक्ट है. इसे हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) के आधार पर डेवलप किया जाएगा। 

यूपी वालों की बल्ले-बल्ले: 242 किलोमीटर लंबे हाईवे से फर्राटे भरेंगी गाड़ियां

यूपी को मिले 7,145 करोड़ रुपये के नए प्रोजेक्ट से विकास को तेज रफ्तार मिलेगी. सरकार ने कानपुर से कबरई तक 242 किलोमीटर लंबे 4 लेन हाईवे को मंजूरी दे दी है. यह अहम प्रोजेक्ट भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा है. इसे बीओटी मोड यानी टोल के आधार पर डेवलप किया जाएगा। 

इस हाईवे के बनने से कानपुर, हमीरपुर और महोबा जैसे जिलों को सीधा फायदा पहुंचेगा. महोबा एक एस्पिरेशनल जिला है और वहां विकास की नई किरण पहुंचेगी. सरकार ने इस पूरे काम को सिर्फ ढाई साल में खत्म करने का लक्ष्य रखा है. कबरई में एग्रीगेट माइनिंग का बड़ा काम होता है. वहां से कानपुर और भोपाल तक माल की सप्लाई के लिए इस हाईवे की सख्त जरूरत थी। 

नए हाईवे से कानपुर, घाटमपुर, हमीरपुर और कबरई में ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी. सबसे बड़ी बात यह है कि कानपुर से कबरई का सफर अब साढ़े तीन घंटे की बजाय सिर्फ डेढ़ घंटे में पूरा होगा. सफर के समय में सीधे 58 प्रतिशत की भारी कमी आएगी। 

इस हाईवे पर गाड़ियां 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की शानदार स्पीड से दौड़ सकेंगी. यह प्रोजेक्ट पीएम गति शक्ति के 4 इकोनॉमिक नोड्स और 10 लॉजिस्टिक नोड्स को भी आपस में जोड़ेगा। 

Back to top button