
JSSC-CGL केस में CID की कार्रवाई तेज, कुंदन और समीर दो दिन की रिमांड पर
रांची
हाई कोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में राज्य सरकार की ओर से रद की गई झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से समय देने का आग्रह किया। अदालत ने समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर निर्धारित की। यह मामला एपीपी नियुक्ति, फाॅरेस्ट आफिसर सहित अन्य नियुक्ति परीक्षाओं को रद किए जाने से संबंधित है।
सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से याचिकाओं में संबंधित परीक्षाओं और नियुक्ति प्रक्रियाओं को रद करने के सरकार के निर्णय पर सवाल उठाए गए हैं। सरकार ने 18 अगस्त को नियुक्ति का विज्ञापन रद किया था।
JSSc-CGL केस के दो आरोपित कुंदन व समीर दो दिनों की रिमांड पर
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) परीक्षा में कथित लेन-देन, पेपर लीक व अनियमितता से जुड़े मामले की जांच के क्रम में पूर्व में गिरफ्तार दो आरोपित कुंदन कुमार व समीर कुमार को सीआइडी ने गुरुवार को दो दिनों की रिमांड पर लिया है।
जांच एजेंसी मुख्य रूप से यह खंगालने में जुटी है कि अभ्यर्थियों की सेटिंग किस स्तर तक और किन-किन माध्यमों से की गई थी तथा इस पूरे खेल में परीक्षा संचालन व दलालों के तंत्र से कौन-कौन लोग शामिल थे। सीआइडी जांच में मिले तथ्यों का सत्यापन भी कर रही है।
कुंदन कुमार ने न केवल खुद मोटी रकम देकर परीक्षा पास की थी, बल्कि उसने गिरोह के साथ मिलकर अन्य अभ्यर्थियों की भी सेटिंग कराई और बिचौलिए की भूमिका निभाई। वहीं, समीर कुमार का नाम भी पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से मिले सुराग के बाद इस पूरे प्रकरण में सामने आया था।

















