
लोनी में प्रशासन का बुलडोजर ऐक्शन: 70 लाख की सरकारी जमीन से हटाया गया अतिक्रमण
गाजियाबाद
उत्तर प्रदेश में सरकारी जमीनों से अवैध अतिक्रमण हटाने का सिलसिला लगातार जारी है. इसी कड़ी में गाजियाबाद के लोनी इलाके के ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. जिला प्रशासन ने ट्रॉनिका सिटी के सेक्टर सी-8 में सरकारी भूमि पर बनी करीब 25 से 30 वर्ष पुरानी पीर बाबा की मजार को ध्वस्त कर दिया है. भारी सुरक्षा घेरे के बीच हुई इस कार्रवाई से प्रशासन ने लाखों रुपये मूल्य की सरकारी जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त करा लिया है.
मिली जानकारी के मुताबिक, यह मजार पिछले लगभग तीन दशकों (30 साल) से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके बनाई गई थी. यहां एक खादिम (मुल्तवी) बैठकर मजार की देखरेख करता था. स्थानीय लोगों के अनुसार, मजार पर आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान-दक्षिणा से ही उसका घर चलता था. इसके साथ ही वहां टोने-टोटके और झाड़-फूंक का काम भी किया जाता था. चौंकाने वाली बात यह है कि इस मजार पर आस्था जताने वालों में सबसे बड़ी संख्या हिंदू समाज के लोगों की थी, जो यहां मन्नत मांगने आते थे.
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई शांतिपूर्ण कार्रवाई
अवैध मजार को हटाने की इस संवेनदशील कार्रवाई के दौरान जिला प्रशासन पूरी तैयारी के साथ पहुंचा था. डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी और स्थानीय एसडीएम की सीधी निगरानी में पूरी ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया. मौके पर किसी भी तरह के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया था. प्रशासन की मुस्तैदी के चलते पूरी कार्रवाई बिना किसी विरोध के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई.
70 लाख की जमीन मुक्त, आगे भी जारी रहेगा अभियान
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई के जरिए करीब 70 लाख रुपये मूल्य की बेशकीमती सरकारी भूमि को भू-माफियाओं और अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है. जिला प्रशासन ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा. यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण या अतिक्रमण करने की कोशिश की गई, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में जहां-जहां भी सरकारी जमीनों पर अवैध धार्मिक स्थल या अन्य अतिक्रमण किए गए हैं, उन्हें चिन्हित कर लगातार हटाने की कार्रवाई की जा रही है.

















