मध्य प्रदेश

मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए राहत, अनुकंपा नियुक्ति के अटके मामलों का जल्द होगा निराकरण

भोपाल 

मध्यप्रदेश शासन ने राज्य के सभी विभागों में अनुकंपा नियुक्ति के वर्षों से लंबित पड़े मामलों का समाधान करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। हाल ही में हुई पदोन्नति प्रक्रिया के कारण खाली हुए पदों पर दिवंगत शासकीय सेवकों के पात्र आश्रितों को नौकरियां दी जाएंगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिलाधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।

पदोन्नति से रिक्त पदों पर प्रक्रिया तेज
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि राज्य, संभाग और जिला स्तर के अनेक कार्यालयों में उपयुक्त पद रिक्त न होने के कारण अनुकंपा नियुक्ति के कई मामले लंबे समय से लंबित बने हुए थे। प्रदेश सरकार ने पिछले महीने विशेष अभियान चलाकर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की पदोन्नतियां की हैं। इस प्रक्रिया के पूरा होने से विभिन्न संवर्गों में पर्याप्त पद रिक्त हो गए हैं। शासन ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने यहां उपलब्ध रिक्तियों के अनुसार योग्यता के आधार पर सभी पात्र आश्रितों के लंबित आवेदनों का शीघ्रता से निराकरण करें।

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद विशेष अभियान
इससे पहले, लोक शिक्षण आयुक्त ने एक विशेष पहल करते हुए केवल दस दिन की अवधि में 954 दिवंगत शिक्षकों और कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दी थी। इस प्रक्रिया के बाद मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने राज्य के सभी प्रशासनिक विभागों में लंबित पड़े अनुकंपा नियुक्ति के मामलों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के इस निर्णय के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को यह निर्देश जारी किए। इस योजना के तहत सेवाकाल में शासकीय सेवक की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को नौकरी दी जाती है, जिससे प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

संजीवनी क्लीनिक में संविदा डॉक्टरों की नियुक्ति
प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश ने संजीवनी क्लीनिक में 164 नए संविदा चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की है। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से इन क्लीनिकों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे आम नागरिकों को उनके घर के पास ही समय पर चिकित्सकीय परामर्श और उपचार की सुविधा मिल सकेगी। सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को अब दूर स्थित अस्पतालों तक जाने की मजबूरी नहीं रहेगी और स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।  

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