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बिहार में जनता दरबार का नया रूप, 30 दिन में शिकायत समाधान का लक्ष्य

पटना
  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित राज्य स्तरीय 'सहयोग' कार्यक्रम हॉल में राज्य स्तरीय 'सहयोग' कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री सचिवालय के आवेदन प्राप्ति केंद्र का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। साथ ही देशरत्न मार्ग से मुख्यमंत्री सचिवालय के आवेदन प्राप्ति केंद्र तक बनाए गए 'सहयोग पथ' का भी लोकार्पण किया।

कार्यक्रम के पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं सरकार के समक्ष रखीं। राज्य स्तरीय सहयोग शिविर में कुल 129 आवेदन दर्ज किए गए।
100 आवेदकों की समस्‍याएं सुनीं सीएम ने

उनमें से 100 आवेदक स्वयं उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री ने उनकी शिकायतों की सुनवाई की और कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मी की लापरवाही अथवा उदासीनता के कारण शिकायतों का समय पर निष्पादन नहीं होता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक की शिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर शिकायतों के निस्तारण के बावजूद यदि किसी आवेदक को निर्णय पर आपत्ति होती है तो राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से उसके मामले की दोबारा समीक्षा कर न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा।

सोलर योजना का करें व्यापक प्रचार
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री सोलर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजना के तहत 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ दिया जा रहा है।

यदि उपभोक्ता 126 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन करता है तो अतिरिक्त बिजली का आर्थिक लाभ भी उसे मिलेगा।

उन्होंने लोगों से अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाने की अपील करते हुए कहा कि दूरस्थ और दुर्गम गांवों को 'सोलर विलेज' के रूप में विकसित कर बिजली की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।

लंबित पेंशन मामलों का जल्द करें निपटारा
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन पात्र लाभार्थियों को अभी तक सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ नहीं मिला है अथवा जिनके आवेदन लंबित हैं, उनका शीघ्र निष्पादन कर अगले महीने की 10 तारीख तक पेंशन राशि उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी आवेदन में दस्तावेजों की कमी हो तो उसे सीधे अस्वीकार नहीं किया जाए। संबंधित आवेदक को नोटिस देकर आवश्यक दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति केवल तकनीकी कारणों से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए।

बरसात के बाद सड़क निर्माण में लाई जाए तेजी
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बरसात समाप्त होने के बाद नई सड़कों के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। साथ ही सभी अधिकारी आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार करें तथा उनकी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से 30 दिनों के भीतर लोगों की समस्याओं का समाधान हो। यदि कोई आवेदन मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंच रहा है, तो इसका अर्थ है कि निचले स्तर पर उसका उचित निस्तारण नहीं हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीओ, बीडीओ स्तर पर निस्तारित आवेदनों की नियमित समीक्षा एसडीओ, डीसीएलआर और जिलाधिकारी करें। वहीं प्रमंडलीय आयुक्त और विभागीय सचिव भी निर्णयों की लगातार निगरानी करें।

90 प्रतिशत शिकायतों का हुआ समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहयोग शिविरों के माध्यम से अब तक करीब 90 प्रतिशत शिकायतों का समाधान किया गया है। इसके लिए उन्होंने जिलाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों की सराहना की।

उम्मीद जताई कि आगे भी पूरी संवेदनशीलता और समय-सीमा के भीतर जनता की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जनता तभी संतुष्ट होगी जब शिकायतों का वास्तविक और प्रभावी समाधान होगा। राज्य सरकार जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही है और प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष निस्तारण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे जनता का विश्वास और मजबूत होगा तथा अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विभिन्न विभागों के मंत्री, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

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