
दिल्ली में बस सफर होगा आसान, सरकार ने 650 करोड़ की नई योजना को दी मंजूरी
नई दिल्ली
इस चिलचिलाती धूप और लू के बीच जब लोग छत विहीन स्टाप पर बस के लिए इंतजार कर भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं तो ऐसे समय में परिवहन विभाग अब बस स्टाप पर बस क्यू शेल्टर लगाने के काम का सर्वे करने के लिए प्राइवेट फर्म ढूंढ रहा है, इसके लिए टेंडर जारी किए गए हैं।
3,575 बस शेल्टर लगाने की योजना
परिवहन विभाग लगभग 3,575 बस शेल्टर लगाएगा। इसे लापरवाही ही कहा जाएगा कि अगर यह काम छह माह पहले कर लिया गया होता तो आज हजारों लोग खुले आसमान के नीचे धूप में बस का इंतजार नहीं कर रहे होते। बस क्यू शेल्टर योजना पर करीब 600 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है।
डीटीआईडीसी कर रहा परियोजना पर काम
इस योजना पर परिवहन विभाग के अंतर्गत दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कार्पोरेशन (डीटीआइडीसी) काम कर रहा है। डीटीआइडीसी के एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली भर में सभी शेल्टर को डिजाइन करने, रीडेवलप करने और सर्वे करने के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी फर्म को हायर करने की योजना बनाई जा रही है।
नए बस शेल्टर में होंगी आधुनिक सुविधाएं
जिसके लिए एक टेंडर जारी किया गया है। याेजना के मुताबिक, रीडेवलप किए जाने वाले बस शेल्टर में कई सुविधाएं होंगी, जिसमें पैनिक अलार्म सिस्टम, वेदर डिस्प्ले, सोलर पैनल और डिजिटल एडवरटाइजिंग सिस्टम का इंतज़ाम शामिल है।
20 साल तक मेंटेनेंस भी शामिल
डीटीआइडीसी के पास अभी लगभग 3,575 बस शेल्टर हैं, जिनके लिए कंसल्टिंग फर्म को हायर किया जा रहा है। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 650 करोड़ रुपये है, जिसमें 20 साल तक मेंटेनेंस भी शामिल है।
टेंडर के मुताबिक सभी बस शेल्टर में एक पब्लिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम भी उपलब्ध कराया जाएगा, जो यात्रियों को बस की जानकारी देगा। रीडेवलपमेंट का काम टेंडर मिलने की तारीख से छह महीने के अंदर पूरा करना होगा।















