छत्तीसगढ़

दिव्यांगजनों के लिए बड़ी सुविधा: प्रमाणन और रिन्यूअल कैंप आज से, तीन फेज में चलेगा अभियान

उत्तर बस्तर कांकेर.

जिला प्रशासन द्वारा दिव्यांगजनों के हित में विशेष पहल करते हुए निःशुल्क सहायक उपकरण हेतु मूल्यांकन, नवीनीकरण एवं प्रमाणीकरण शिविर का आयोजन 22 अप्रैल से किया जा रहा है. कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशन में यह शिविर एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड भारत सरकार के सामाजिक दायित्व के अंतर्गत तथा भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम  जबलपुर के सहयोग से आयोजित किया जाएगा.

उपसंचालक समाज कल्याण क्षमा शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर तीन चरणों में आयोजित किए जाएंगे. पहला शिविर 22 अप्रैल को लाइवलीहुड कॉलेज गोविंदपुर कांकेर में, दूसरा 23 अप्रैल को भानुप्रतापपुर और तीसरा शिविर 24 अप्रैल को कोयलीबेड़ा में आयोजित होगा. सभी शिविर प्रातः 10 बजे से शाम 04 बजे तक आयोजित किए जाएंगे.

शिविर में दिव्यांगजनों का सहायक उपकरण हेतु मूल्यांकन, चिन्हांकन, प्रमाणीकरण, पेंशन संबंधी समस्याओं का निराकरण एवं हितग्राहियों का सत्यापन किया जाएगा. साथ ही जिन दिव्यांगजनों के मेडिकल प्रमाण पत्र या यूडीआईडी कार्ड नहीं बने हैं, उनका मौके पर ही पंजीयन एवं समाधान किया जाएगा. निःशुल्क सहायक उपकरण प्राप्त करने के लिए पात्र दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता अन्य सहायक उपकरण हेतु तथा 100 प्रतिशत दिव्यांग नेत्र सुगम्य केन, स्मार्टफोन के लिए आय प्रमाण-पत्र, जिनकी सभी स्रोतों से मासिक आय 22,500 रुपये से कम है, उन्हें आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, राशन कार्ड, बैंक खाता विवरण एवं आधार की छायाप्रति साथ लाना अनिवार्य होगा. शिविर में ऐसे दिव्यांग जिनका मेडिकल प्रमाण-पत्र नहीं बना है, उनका मेडिकल यूडीआईडी, अन्य पेंशन विषयक समस्या का समाधान समाज कल्याण विभाग द्वारा किया जाएगा.

शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों का प्रमाणीकरण, नवीनीकरण, यूडीआईडी कार्ड बनने से दिव्यांगजनों को विभिन्न योजनाओं में पारदर्शिता एवं त्वरित लाभ मिलेगा. शिविर में आने से पूर्व अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक या अपडेट करा लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो.

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