लखनऊ/उत्तरप्रदेश

छात्र-छात्राओं को 12-12 सौ, उत्तरप्रदेश सरकार ने प्रिसिंपल और टीचर को भी दी जिम्मेदारी …

लखनऊ। यूपी सरकार ने प्रदेश की प्राथमिक पाठशालाओं में पढ़ने वाले बच्चों की पोशाक, जूते-मोजे और कॉपी-किताबों समेत विभिन्न सामान के लिए सोमवार को 12-12 सौ रुपये खाते में भेज दिये। इसके साथ ही उन्होंने प्रिंसिपल और टीचरों को बड़ी जिम्मेदारी भी दी है। सीएम योगी ने धनराशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने की हिदायत प्रिंसिपल और टीचरों को दी है।

यूपी सरकार ने सोमवार को यहां बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में पढ़ रहे एक करोड़ 91 लाख छात्र-छात्राओं को स्कूल की पोशाक, स्वेटर, स्कूल बैग, जूते-मोजे और स्टेशनरी खरीदने के लिए प्रति छात्र-छात्रा 1200 रुपए की धनराशि उनके अभिभावकों के बैंक खाते में ‘डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर’ (डीबीटी) के माध्यम से अंतरण की शुरुआत की।

उन्होंने इस अवसर पर कहा हमने डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के बैंक खाते में पैसा तो भेज दिया है लेकिन प्रदेश भर के सभी छह लाख बेसिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और शिक्षा मित्रों से मेरा अनुरोध है कि वे यह प्रयास करें कि उन सभी बच्चों को यूनिफॉर्म समय पर प्राप्त हो जाए।

यूपी सरकार ने हिदायत देते हुए कहा "प्रधानाचार्य और अन्य शिक्षक अभिभावक को बुलाकर, बैठक करके, उनके घर जाकर यह सुनिश्चित करें कि हर बच्चा अपनी यूनिफॉर्म पहनकर ही स्कूल आए। कोई भी बच्चा नंगे पैर नहीं आए, जूते मोजे पहनकर ही स्कूल आए। यह सुनिश्चित करना होगा कि सर्दियों में कोई बच्चा ठिठुरता हुआ न दिखाई दे।

यूपी सरकार ने कहा कि एक कक्षा पढ़कर दूसरी कक्षा में जाने वाले बच्चों की किताबों को, अगर वे सही हालत में हैं तो उनसे लेकर बुक बैंक बनाया जाए ताकि अगर कभी स्टेशनरी और किताबें उपलब्ध कराने में देर हो जाए तो बुक बैंक से बच्चों को किताबें उपलब्ध कराई जा सकें।

यूपी सरकार ने स्कूल से शिक्षा प्राप्त कर निकले बच्चों को विद्यालय की विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे बच्चों और स्कूल के बीच संबंध मजबूत होगा और वह लंबे समय तक चलेगा।

Related Articles

Back to top button