नई दिल्ली

‘फेंकू राम की जगह चाहते हैं पलटू राम’, नीतीश के भाजपा से गठबंधन तोड़ने पर बरसे गिरिराज सिंह …

नई दिल्ली। बिहार में सियासी सरगर्मियां तेज होने के बीच नीतीश कुमार ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने 8 साल में दूसरी बार अपनी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी से नाता तोड़ लिया है। हालांकि भाजपा ने इस गठबंधन को बचाने के लिए कड़े प्रयास किए। खुद केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने मंगलवार को कहा कि भाजपा चाहती है कि नीतीश सीएम बने रहें। इस बीच भाजपा के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि भाजपा ने अपना गठबंधन धर्म निभाया है और अगर नीतीश अलग हो रहे हैं तो यह उनका अपना फैसला है। उन्होंने कहा, “यह निर्णय नीतीश जी का निर्णय है।” इस दौरान गिरिराज सिंह ने नीतीश को ‘पलटू राम’ भी कहा। बता दें कि नीतीश कुमार ने शाम चार बजे राज्यपाल से मुलाकात कर अपनी इस्तीफा सौंप दिया। इसके साथ ही उन्होंने 160 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का भी दावा कर दिया।

इस पूरे घटनाक्रम पर गिरिराज सिंह ने कहा, “हमने हमेशा गठबंधन के धर्म का पालन किया है और गठबंधन की गरिमा को बनाए रखा है।” उन्होंने कहा, “जब हमारे पास 63 विधायक थे और उनके पास 36 थे, तब भी हमने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया। आज नीतीश खरीदारी करते दिख रहे हैं।” गिरिराज सिंह ने राज्य में भाजपा के साथ गठबंधन तोड़ने के लिए जद (यू) प्रमुख की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि नीतीश की आकांक्षाओं ने उन्हें गठबंधन तोड़ने के लिए मजबूर किया। गिरिराज सिंह ने कहा, “पलटूराम आ गए पलट के।” चार दशकों के राजनीतिक करियर में, जद (यू) प्रमुख ने अपने कई सहयोगियों को बदला है। उन्होंने चार बार साझेदार बदले, जिससे उन्हें ‘पलटू राम’ का तमगा मिला लेकिन वे ‘फेंकू राम’ बनना चाह रहे हैं। वैसे ये तमगा किसी और न नहीं बल्कि उनके पुराने व नए सहयोगी लालू प्रसाद ने दिया था।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपनी सफाई में आगे कहा कि उन्हें इस बात का कोई अफसोस नहीं है कि बिहार में जद (यू) के साथ पार्टी का गठबंधन नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसी के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया है, वह हमेशा अपने उसूलों के सामने आत्मसमर्पण करती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा पर कोई सवाल नहीं उठा सकता कि उसने गठबंधन के धर्म का पालन नहीं किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, संकट शुरू होते ही भाजपा ने सोमवार को नीतीश कुमार से दो बार संपर्क किया था। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने दिल्ली से नीतीश को फोन किया था। पटना में बीजेपी के कई बड़े नेता उनके घर भी पहुंचे थे। हालांकि क्या बातचीत हुई इसके बारे में पार्टी की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। 

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