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संसद के हंगामेबाजों पर एक्शन पर बोले नायडू- मेरे लिए दो आंखों की तरह हैं पक्ष और विपक्ष, जल्द होगा फैसला …

नई दिल्ली। संसद का मॉनसून सत्र का अधिकांश समय हंगामों के बीच बीता। काम बाधित तो हुए। साथ ही झड़प भी देखने को मिली। राज्यसभा के सभापति और देश के उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आज जोर देकर कहा कि सदन में विपक्ष और ट्रेजरी बेंच यानी सत्ता पक्ष उनकी दो आंखों की तरह हैं और उनके लिए दोनो समान हैं। मॉनसून सत्र के दौरान राज्यसभा में कुछ अनियंत्रित दृश्यों के खिलाफ कार्रवाई पर विचार किए जाने पर, नायडू ने कहा कि पूरे मामले पर विचार चल रहा है। जल्द से जल्द एक उचित फैसला लिया जाएगा।

विधेयकों को सदन की प्रवर समिति को भेजे जाने पर उन्होंने कहा कि जब भी सदन में ऐसे मामलों पर मतभेद बने रहते हैं, तो सदन सामूहिक रूप से निर्णय लेता है। चेयर इसको लेकर किसी भी तरीके से मजबूर नहीं कर सकता है।

कृषि कानूनों और पेगासस जासूसी विवाद सतिह कई मुद्दों पर विपक्षी सांसदों के हंगामे की वजह से राज्यसभा की कार्यवाही लगातार बाधित हुई। बुधवार को राज्यसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सभापति वेंकैया नायडू भावुक हो गए। मंगलवार की घटना का जिक्र करते हुए वेंकैया नायडू ने कहा कि जब कृषि कानूनों का विरोध करते हुए कुछ सांसद मेज पर बैठ गए और अन्य सदस्य सदन की मेज पर चढ़ गए, तब इस राज्यसभा की सारी पवित्रता खत्म हो गई।  उन्होंने कहा था कि सदन में हंगामा करने वाले विपक्षी सांसदों को कार्रवाई का सामना करना होगा।

बता दें कि मंगलवार को राज्यसभा में हंगामे की हद उस वक्त पार हो गई, जब कांग्रेस के एक सांसद ने मेज पर चढ़कर आसन की ओर रूल बुक फेंक दी। इस तरह से पांच बार बाधित होने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी थी।

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