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इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने से जा सकती है जान, जान बचाने पढ़ लें 5 टिप्स …

नई दिल्ली। भारत में पिछले कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। तमिलनाडु में एक पिता और बेटी की उस समय मौत हो गई, जब उनके घर में मौजूद इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लग गई, जिससे उनका दम घुट गया। इसके अलावा, ओकिनावा और ओला इलेक्ट्रिक स्कूटरों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर्स-बाइक या कार में आग लगती क्यों है और इससे कैसे बचा जाए?

लिथियम-आयन बैटरी मुख्य रूप से दो अलग-अलग कारणों से विफल हो जाती हैं। पहला कारण बैटरी बनाते समय होने वाली कमी है। दूसरे वजह के पीछे कई कारक हो सकते हैं, जैसे- बैटरी पर वाइब्रेशन जैसा कोई तनाव, शॉर्ट सर्किट, या ऐसी ही कोई एक वजह। बैटरी में मैन्युफैक्चरिंग खामी के चलते भी आग लग सकती है। वहीं, लिमिट से ज्यादा वाइब्रेशन के चलते भी लिथियम-आयन बैटरी आग का शिकार हो सकती है।

  1. इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटना दुर्लभ है और यह पेट्रोल टू-व्हीलर के जितना जोखिम भरा भी नहीं है। हालांकि, जब लिथियम-आयन बैटरी में आग लगती है, तो उसका मुकाबला करना काफी मुश्किल है।
  2. लंबा सफर तय करने के तुरंत बाद बैटरी को चार्ज नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि उस समय बैटरी के अंदर लिथियम-आयन सेल बहुत गर्म रहते हैं। बैटरी को ठंडा होने दें और उसके बाद इसे चार्ज करें।
  3. हमेशा उसी बैटरी का उपयोग करें जिसे वाहन के लिए डिज़ाइन किया गया है। सस्ती लोकल बैटरी का इस्तेमाल करने से इलेक्ट्रिक वाहन को भी नुकसान हो सकता है। साथ ही वाहन के साथ आए चार्जिंग केबल का इस्तेमाल करें।
  4. बैटरी को कभी भी सीधी धूप में न रखें। बैटरी पूरी तरह चार्ज होने पर चार्जर को हटा दें।
  5. बैटरी को इस्तेमाल करने से पहले चेक कर लें कि कोई डैमेज तो नहीं है। अगर बैटरी काफी गर्म लग रही है तो उसका इस्तेमाल करने से बचें।
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