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छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की वर्चुअल बैठक में संभागायुक्त संजय अलंग हुए शामिल …

बिलासपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज उनके रायपुर निवास कार्यालय में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक में जनजाति हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन विचार विमर्श कर अनेक महत्वपूर्ण अनुशंसाएं की गई। बैठक में संभागायुक्त डा. संजय अलंग वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

बैठक में व्यक्तिगत वन अधिकार मान्यता पत्र प्राप्त हितग्राहियों की भूमि पर मनरेगा के माध्यम से भूमि समतलीकरण और सुधार का कार्य के लिए अभियान चलाने की अनुशंसा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति परिषद् के सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में प्राप्त लोगों को वन अधिकार पट्टे दिलाने और उनकी भूमि पर सुधार कार्य, फलदार वृक्षों के रोपण, तालाब और डबरी निर्माण के लिए सक्रिय पहल करें।

परिषद की बैठक में प्रयास आवासीय विद्यालय में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के साथ सम्पूर्ण अनुसूचित क्षेत्र के बच्चों को प्रवेश देने की अनुशंसा की गई। प्रयास आवासीय विद्यालय में नक्सल प्रभावित जिलों से चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। वर्तमान में नक्सल प्रभावित 9 जिलों के बच्चों को प्रयास आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिया जा रहा है। अब सम्पूर्ण अनुसूचित क्षेत्र के 25 जिलों के बच्चों को प्रवेश देने और नक्सल पीड़ित परिवारों के बच्चों को बिना प्रवेश परीक्षा के सीधे प्रयास आवासीय विद्यालय में दाखिला देने की अनुशंसा की गई।

आदिवासियों की निजी भूमि पर वृक्षों को काटने के लिए अनुमति प्रदान करने की प्रकिया को सरलीकृत करने के प्रस्ताव पर सदस्यों के साथ चर्चा के बाद सर्वसम्मति से आदिम जनजातियों का संरक्षण (वृक्षों के हित में) अधिनियम 1999 एवं नियम 2000 में संशोधन की अनुशंसा की गई। जिसके अनुसार वृक्ष काटने की अनुमति कलेक्टर की जगह अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा दो माह की समय-सीमा के भीतर प्रदान की जाए। हितग्राही वृक्ष काटने की अनुमति हेतु अपना आवेदन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को देगें।

स्थल पर मौके का मुआयना पटवारी और रेंजर द्वारा किया जाएगा। अनुमति मिलने के बाद वन विभाग द्वारा वृक्ष की कटाई और नीलामी की कार्यवाही की जाएगी तथा वनमण्डलाधिकारी द्वारा संबंधित हितग्राही के बैंक खाते में राशि जमा की जाएगी। इससे अवैध कटाई पर अंकुश लगेगा और आदिवासियों को उनके  वृक्ष का उचित दाम मिलेगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत जो हितग्राही वृक्ष लगाएंगे उन्हें काटने के लिए हितग्राहियों को केवल सूचना देनी होगी।

बैठक में आदिमजाति तथा अनुसूचित जाति मंत्री एवं परिषद के अध्यक्ष डा. प्रेमसाय सिंह, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, राज्य जनजाति परिषद के उपाध्यक्ष रामपुकार सिंह, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बृहस्पति सिंह, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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