Breaking News

गैंगरेप के बाद अपह्त छात्रा का रेस्क्यू किया अपराध डिटेक्टिव विंग ने, सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर अपहरणकर्ताओं हुई थी दोस्ती …

बिलासपुर। सोशल मीडिया में पहले किशोरी से दोस्ती किया फिर दो ने फिलकर नाबालिग का बलात्कार किया और बहलाफुसला कर अपने साथ ले जाने लगे। जिसे अपराध गुप्तचर शाखा, नागपुर के प्रभारी निरीक्षक विकास कुमार के नेतृत्व में उप निरीक्षक विनेक मेश्राम, प्रधान आरक्षक एस. बी. मेश्राम एंव आरक्षक अश्विनी कुमार गाडी क्रमांक 04079 गोंडवाना एक्सप्रेस में भंडारा से नागपुर के मध्य मानव तस्करी, अपराधिक आसूचना व पतासाजी हेतु गाडी में तैनात थे। इसी दौरान नागपुर के नजदीक समय लगभग 12.30 बजे उप निरीक्षक विनेक मेश्राम एंव प्रधान आरक्षक एस.बी. मेश्राम को गाडी के कोच नंबर बी-04 बर्थ नंबर 57, 60 व 63 में एक नाबालिग लडकी को दो लडको के साथ संदेहास्पद स्थिति में यात्रा करते हुए देखा गया। पूछताछ करने पर तीनों ने अपना नाम क्रमशः बदला हुआ नाम (1) सोनम पिता अजीत सिंग, उम्र 17 वर्ष, कक्षा 10वीं, (2) श्याम वल्द दिनानाथ, उम्र 20 साल पता – ग्राम नुराबाद जिला मुरैना एंव (3) शैलेश वल्द देवीदास उम्र- 21 साल, पता गोलपहाडिया ग्वालियर, मध्यप्रदेश बतायें।

नाबालिग को गहनता से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसकी सहेली मनु राजपूत बिलासपुर और उसके मित्र शैलेश की दोस्ती इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी। इसी तरह चार माह पूर्व मनु राजपूत ने नाबालिग का फोटो अपने वाट्सअप स्टेटस में रखी जिसे मनु के बॉय फ्रेंड शेलेश ने देखकर मनु को उसके भाई श्याम से दोस्ती करवाने बोला। जिससे मनु के द्वारा शैलेश से बातचीत के दौरान उसके भाई श्याम से नाबालिग से दोस्ती करवाई। इस तरह नाबालिग और श्याम में लगातार बातचीत होती रही और दोस्ती प्यार में बदल गई। जिसका फायदा उठाकर दोनों आरोपियों ने नाबालिग का गैंगरेप किया।

गैंगरेप के बाद उसे अपने साथ बहला फुसलाकर फर्जी नाम व आधारकार्ड का इस्तेमाल कर छत्तीसगढ के बिलासपुर से मध्यप्रदेश के ग्वालियर में अपहरण कर लेकर जा रहे थे कि आरपीएफ क्राईम ब्रांच नागपुर, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की टीम द्वारा सजगता का परिचय देते हुए नाबालिग को अपहरणकर्ताओं की चुंगल से छुडाया। बाद शासकीय रेल पुलिस, नागपुर संदीप गोंडाने, सहायक पुलिस निरीक्षक बाल अधिकारी की सहायता व चाईल्ड लाईन के कर्मचारी दिपाली व प्रज्ञा की सहायता से आरोपियों को शासकीय रेल पुलिस नागपुर को सुर्पुद किया गया। एंव नाबालिग के परिजनों को सूचना देते हुए उसे शेल्टर होम पुलिस द्वारा भेजा गया। आरोपियों के विरुद्व शासकीय रेल पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्व कर धारा 363ए, 366अ, 376(2) व POCSO Act 4/6.2012 के तहत कार्यवाही की गई ।

आर.पी.एफ. द्वारा आम जनता से अपील की जाती है कि सोसल मीडिया के माध्यम से बढते हुए अपराधों को देखते हुए अपने बच्चों को सही मार्गदर्शन करें एंव किसी भी अनजान, अपरिचित से दोस्ती न करने की सलाह दें। साथ ही दुष्परिणामों के बारे में अवगत करायें। ताकि भविष्य में किसी भी नाबालिग छात्र, छात्राओं एंव बच्चों के साथ इस प्रकार की घटनाएं व हादसा न हों और हमेशा सुरक्षित रहें।

error: Content is protected !!